The Red Ink
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने शिकस्त दे दी। इस हार ने बंगाल की राजनीति का समीकरण बदल दिया है और पहली बार राज्य में बीजेपी की सरकार बनने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
भवानीपुर में ममता बनर्जी को बड़ा झटका
भवानीपुर सीट पर हुए इस मुकाबले में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। यह वही सीट है जिसे ममता का गढ़ माना जाता रहा है। नतीजों के बाद उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए गड़बड़ी और धांधली के आरोप लगाए।
शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान
जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने इसे सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह “हिंदुत्व और जनसमर्थन” की जीत है और राज्य की जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी को हराना जरूरी था और अब बंगाल में नई राजनीति की शुरुआत होगी।
बीजेपी बहुमत के पार, सरकार बनाने की तैयारी
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार बीजेपी ने 184 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और 23 सीटों पर आगे चल रही है। इस तरह पार्टी कुल 200 से अधिक सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है। दूसरी ओर टीएमसी काफी पीछे रह गई और 80 के आसपास सीटों पर सिमटती दिख रही है।
15 साल बाद सत्ता परिवर्तन तय
साल 2011 से पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार थी और ममता बनर्जी लगातार मुख्यमंत्री बनी हुई थीं। लेकिन इस बार के नतीजों ने 15 साल पुरानी सत्ता को बदल दिया है और राज्य में पहली बार बीजेपी सरकार बनाने जा रही है।
रिकॉर्ड मतदान और बदले समीकरण
इस चुनाव में करीब 92% से ज्यादा मतदान हुआ, जो अब तक का रिकॉर्ड है। विश्लेषकों का मानना है कि मतदाता सूची में बदलाव, राजनीतिक ध्रुवीकरण और आक्रामक चुनावी अभियान ने इस बार मतदान को नई ऊंचाई पर पहुंचाया। कई क्षेत्रों में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी ने नतीजों को पूरी तरह पलट दिया। अन्य राज्यों में भी बदले रुझान, असम में बीजेपी ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई, केरल में कांग्रेस गठबंधन की वापसी और तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी का उभार, इन नतीजों ने राष्ट्रीय राजनीति में भी नए संकेत दिए हैं।




