The Red Ink
अदन की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोमालिया के समुद्री लुटेरों ने यमन के तट के पास एक तेल टैंकर को कब्जे में ले लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, हाल के दिनों में यह दूसरी ऐसी घटना है, जिसने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स पर खतरे को बढ़ा दिया है।
कौन सा टैंकर बना निशाना?
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, ‘MT Eureka’ नाम का तेल टैंकर लुटेरों के कब्जे में चला गया। यह जहाज पश्चिम अफ्रीकी देश टोगो के झंडे के तहत संचालित हो रहा था। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने जहाज को यमन के तट के करीब निशाना बनाया और फिर उसे सोमालिया की ओर ले गए।
हमला कहां और कैसे हुआ?
यह घटना अदन की खाड़ी में क़ाना पोर्ट के पास हुई, जो लंबे समय से समुद्री लुटेरों की गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावर सोमालिया के कंदाला इलाके के पास स्थित तटीय क्षेत्र से निकले थे और उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से टैंकर पर धावा बोला।
10 दिन में दूसरी बड़ी वारदात
चिंता की बात यह है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले 22 अप्रैल को ‘Honor 25’ नाम के एक अन्य तेल टैंकर को भी इसी इलाके में हाइजैक किया गया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बढ़ता खतरा, बढ़ती चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। अदन की खाड़ी दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग रूट्स में से एक है, ऐसे में यहां बढ़ती समुद्री लूट की घटनाएं वैश्विक चिंता का विषय बनती जा रही हैं।




