मतगणना से पहले बड़ा फैसला: फाल्टा के सभी 285 बूथों पर दोबारा मतदान क्यों?

The Red Ink
पश्चिम बंगाल में मतगणना से ठीक पहले चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट के सभी 285 बूथों पर फिर से मतदान कराने का आदेश दिया है। यह फैसला दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान सामने आई गंभीर शिकायतों के बाद लिया गया।

क्या है पुनर्मतदान की वजह?
आयोग के मुताबिक 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप, बूथों के अंदर अनधिकृत लोगों की मौजूदगी, मतदान प्रक्रिया में संभावित छेड़छाड़। इन शिकायतों को गंभीर मानते हुए आयोग ने पूरी सीट की वोटिंग को ही अमान्य घोषित कर दिया।

कड़ी सुरक्षा में होगा मतदान
21 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक सभी बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे- केंद्रीय बलों की तैनाती, माइक्रो ऑब्जर्वर की निगरानी, वेबकास्टिंग और वीडियोग्राफी ताकि मतदान पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।

पहले भी हो चुकी है री-पोलिंग
इससे पहले मगराहट पश्चिम और डायमंड हार्बर सीट के 15 बूथों पर भी दोबारा मतदान कराया जा चुका है। इससे साफ है कि इस बार चुनाव आयोग किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर सख्त रुख में है।

EVM को लेकर भी उठे सवाल
कुछ बूथों पर ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप भी सामने आए थे। विपक्ष का दावा था कि कुछ जगहों पर चुनाव चिन्ह आंशिक रूप से ढके होने की वजह से मतदाता सही विकल्प नहीं चुन पा रहे थे।

राजनीतिक घमासान तेज
इस फैसले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया, टीएमसी ने आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष को खुली चुनौती दी। फाल्टा सीट पर मुख्य मुकाबला टीएमसी, बीजेपी और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच है, जिससे यह सीट पहले से ही चर्चा में थी।

चर्चा में रहा था IPS का बयान
चुनाव के दौरान एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें सख्त चेतावनी देते हुए दिखे थे। इस वीडियो को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे, जिससे माहौल और गरमा गया था।

अब आगे क्या?
अब इस सीट की मतगणना 24 मई को होगी। वहीं पूरे राज्य के चुनाव नतीजे पहले तय तारीख पर घोषित किए जाएंगे। फिलहाल, फाल्टा में दोबारा मतदान का फैसला यह दिखाता है कि चुनाव आयोग इस बार किसी भी कीमत पर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना चाहता है।

Hot this week

‘अब लखनऊ आने के लिए अनुमति नहीं मांगेंगे’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का प्रशासन पर सीधा हमला

The Red Ink: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने...

Topics

‘अब लखनऊ आने के लिए अनुमति नहीं मांगेंगे’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का प्रशासन पर सीधा हमला

The Red Ink: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने...

Related Articles

Popular Categories