CBSE 10वीं रिजल्ट 2026: सरकारी स्कूलों का जलवा बरकरार, KV-नवोदय ने 99%+ रिजल्ट से मारी बाज़ी

The Red Ink
CBSE 10वीं के नतीजों ने इस बार भी एक बार फिर साफ कर दिया कि सरकारी स्कूलों की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। 15 अप्रैल 2026 को घोषित हुए इस रिजल्ट में केंद्रीय विद्यालय (KVS) और जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) ने 99 फीसदी से ज्यादा पास प्रतिशत के साथ बाज़ी मार ली। कुल मिलाकर 93.70% छात्र इस परीक्षा में सफल हुए हैं, जिसमें लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों को पीछे छोड़ दिया है।

सरकारी स्कूलों का दमदार प्रदर्शन, KV-JNV सबसे आगे
सीबीएसई के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, संस्थागत स्तर पर केंद्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूल समूह बनकर उभरे हैं। केंद्रीय विद्यालय का पास प्रतिशत 99.57% रहा, जबकि जवाहर नवोदय विद्यालय के 99.42% छात्र सफल हुए। इसके अलावा अन्य सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 91.43% और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों का 91.01% दर्ज किया गया, जो इस बात का संकेत है कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है।

लड़कियों ने फिर मारी बाज़ी, पास प्रतिशत में बढ़त
हर साल की तरह इस बार भी लड़कियां प्रदर्शन में आगे रहीं। लड़कियों का पास प्रतिशत 94.99% रहा, जबकि लड़कों का 92.69% दर्ज किया गया। यह अंतर दिखाता है कि छात्राओं की निरंतर मेहनत और प्रदर्शन में स्थिरता बनी हुई है।

रिकॉर्ड समय में रिजल्ट जारी, टेक्नोलॉजी का बड़ा रोल
इस बार CBSE ने 1.63 करोड़ से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन रिकॉर्ड समय में पूरा किया और रिजल्ट करीब एक महीने पहले घोषित कर दिया। पूरी प्रक्रिया को टेक-ड्रिवन बनाया गया, जिससे रिजल्ट और मार्कशीट DigiLocker और UMANG जैसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए गए। यह बदलाव परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

रीजनल प्रदर्शन में त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा टॉप
अगर रीजनल प्रदर्शन की बात करें, तो त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा 99.79% के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहे। वहीं, दिल्ली का ओवरऑल रिजल्ट 97.38% दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।

नई परीक्षा प्रणाली की शुरुआत
CBSE ने इस साल से दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली लागू की है। पहली मुख्य परीक्षा फरवरी-मार्च में आयोजित की गई, जबकि दूसरी परीक्षा मई के मध्य में प्रस्तावित है। इस नए सिस्टम से छात्रों को बेहतर स्कोर करने का एक अतिरिक्त मौका मिलेगा।

CBSE 10वीं के इस साल के नतीजे सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं हैं, बल्कि यह बदलते शिक्षा परिदृश्य की तस्वीर भी पेश करते हैं जहां सरकारी स्कूल लगातार मजबूत हो रहे हैं, टेक्नोलॉजी प्रक्रिया को तेज बना रही है और छात्राएं हर मोर्चे पर आगे निकल रही हैं।

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