योगी कैबिनेट का पावर प्ले: 10 मई तक बड़ा विस्तार, ब्राह्मण-दलित बैलेंस के साथ सपा के बागियों की एंट्री तय!

The Red Ink
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक और बड़ा मूवमेंट तय माना जा रहा है। योगी सरकार अब कैबिनेट विस्तार के जरिए नई सियासी बिसात बिछाने जा रही है। पार्टी के भीतर तैयार ब्लूप्रिंट के मुताबिक, अगले 20 दिनों के भीतर यानी 10 मई तक मंत्रिमंडल विस्तार और नई संगठनात्मक टीम दोनों का ऐलान हो सकता है। इस पूरे कवायद में साफ दिख रहा है कि फोकस सिर्फ सरकार चलाने पर नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार करने पर है।

दिल्ली दरबार से क्लियर सिग्नल, घोषणा बाकी
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक कई दौर की बैठकों में मंथन हो चुका है। शीर्ष स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार तक चर्चा पहुंच चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, फैसले लगभग फाइनल हैं अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने 16-17 अप्रैल को दिल्ली में बड़े नेताओं से चर्चा के बाद विस्तार की दिशा तय कर दी है।

6 सीटें खाली, समीकरण साधने का मौका
मौजूदा मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 21 कैबिनेट, 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 राज्य मंत्री हैं। अभी 6 नए चेहरों के लिए जगह बची हुई है और यही वो स्पेस है जहां पूरा सामाजिक और राजनीतिक संतुलन सेट किया जाएगा।

ब्राह्मण फैक्टर पर खास नजर, 2 नए चेहरे संभव
हाल के विवादों, शंकराचार्य प्रकरण, UGC नियम और भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द को लेकर उठे मुद्दों के बाद ब्राह्मण वर्ग की नाराजगी को गंभीरता से लिया गया है। अभी कैबिनेट में 7 ब्राह्मण मंत्री हैं लेकिन जितिन प्रसाद के केंद्र में जाने के बाद एक स्लॉट खाली माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस बार दो नए ब्राह्मण चेहरों को शामिल कर संतुलन मजबूत करने की कोशिश होगी।

दलित समीकरण भी टारगेट, 1-2 मंत्री तय
2024 लोकसभा चुनाव के बाद दलित वोटर को लेकर बने माहौल ने भाजपा को सतर्क किया है। ‘400 पार’ वाले नैरेटिव को संविधान और आरक्षण से जोड़कर विपक्ष ने जो मैसेज बनाया, उसका असर माना जा रहा है। इसी को बैलेंस करने के लिए कैबिनेट विस्तार में दलित वर्ग से एक या दो नए चेहरों को शामिल करने की तैयारी है। फिलहाल सरकार में 8 SC मंत्री हैं, जबकि विधानसभा में 67 SC विधायक भाजपा के हैं।

महिला कार्ड भी एक्टिव, बढ़ सकता है प्रतिनिधित्व
महिला आरक्षण बिल संसद में पास न होने के बाद भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है। ऐसे में यूपी कैबिनेट में महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ाकर सीधा संदेश देने की रणनीति पर काम हो रहा है। इस समय योगी सरकार में 5 महिला मंत्री हैं, जबकि विधानसभा में 51 महिला विधायक मौजूद हैं।

OBC बैलेंस और जाट चेहरा, भूपेंद्र चौधरी रेस में आगे
पिछड़ा वर्ग भाजपा की सियासत का अहम आधार है और विस्तार में इसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जाट चेहरे के तौर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसके अलावा MLC रामचंद्र प्रधान भी मजबूत दावेदार बताए जा रहे हैं।

सपा के बागियों पर दांव, मनोज पांडेय–पूजा पाल चर्चा में
सबसे दिलचस्प संकेत सपा के बागियों को लेकर हैं। सूत्रों के मुताबिक, मनोज पांडेय और पूजा पाल को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। मनोज पांडेय को ब्राह्मण चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि पूजा पाल महिला और पिछड़ा वर्ग दोनों के बीच मजबूत मैसेज दे सकती हैं।

संगठन में भी बड़ा ऑपरेशन, 50% चेहरे बदलेंगे
मंत्रिमंडल के साथ-साथ भाजपा संगठन में भी बड़े बदलाव तय हैं। प्रदेश पदाधिकारियों की जो लिस्ट पहले बनी थी, उसे गृह मंत्री अमित शाह ने वापस भेज दिया था, क्योंकि उसमें बड़े पैमाने पर बदलाव प्रस्तावित थे। अब नई लिस्ट तैयार की गई है, जिसमें करीब 50% मौजूदा पदाधिकारियों को हटाने और कुछ को प्रमोशन देने की योजना है। इस पूरी प्रक्रिया में मुख्यमंत्री, दोनों डिप्टी सीएम और RSS की भूमिका भी अहम रही है।

यह सिर्फ कैबिनेट विस्तार नहीं बल्कि 2027 की सियासी जंग की ओपनिंग चाल है, जहां हर चेहरा, हर जातीय समीकरण और हर संदेश सोच-समझकर सेट किया जा रहा है।

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