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CM Yogi Adityanath ने सोमवार को काशी से सनातन संस्कृति पर जोरदार बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने इस परंपरा को खत्म करने की कोशिश की, वे खुद इतिहास में गुम हो गए। विदेशी आक्रांताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे नाम आज सिर्फ किताबों तक सीमित हैं, लेकिन सनातन परंपरा आज भी जीवित और मजबूत है।
काशी विश्वनाथ धाम में पूजा और ‘ॐ’ का जाप
कार्यक्रम से पहले सीएम योगी ने Kashi Vishwanath Temple में राज्यपाल Anandiben Patel के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में ‘ॐ’ का जाप हुआ और आध्यात्मिक माहौल के बीच दोनों ने गुजरात के Somnath Temple में चल रहे कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा।
“सनातन चेतना को कोई नहीं मिटा सकता”
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास गवाह है—महमूद गजनवी से लेकर मुगलों तक कई आक्रमण हुए, लेकिन भारत की आत्मा को कोई नहीं तोड़ सका। उन्होंने कहा कि सनातन केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि देश की चेतना में बसता है, इसलिए यह अजर-अमर है।
काशी और सोमनाथ: गौरव के प्रतीक
योगी ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम और सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक शक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने माना कि इन स्थलों पर बार-बार हमले हुए, लेकिन हर बार पुनर्निर्माण ने यह संदेश दिया कि सृजन स्थायी होता है, विनाश नहीं।
75 साल का सोमनाथ महोत्सव
सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर “अमृत महोत्सव” मनाया जा रहा है। 11 मई 1951 को इसकी प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी। इसी अवसर पर काशी में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने शंखनाद और डमरू वादन से स्वागत किया।
कार्यक्रम में दिखा सांस्कृतिक उत्साह
काशी में आयोजित समारोह में गुजरात से आई महिलाओं ने प्रधानमंत्री के समर्थन में नारे लगाए। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। सीएम योगी ने राज्यपाल को सम्मान स्वरूप पटका और रुद्राक्ष माला पहनाई। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और मंत्री भी मौजूद रहे।
“देवस्थल शाश्वत हैं”
सीएम ने कहा कि भारत के तीर्थ और देवस्थल शाश्वतता के प्रतीक हैं। उन्होंने देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में वर्तमान नेतृत्व की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि अब परंपराओं को नए सम्मान के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।




