Yogi Adityanath Ayodhya Speech के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग से जुड़े एक ज्ञापन का जिक्र करते हुए मौलवियों पर निशाना साधा। अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि गाय को ‘पशु’ कहना सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति की भावना के विपरीत है। सीएम ने दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ मौलवियों से सीधे बात भी की और उनसे सवाल पूछा कि गाय को पशु क्यों कहा गया।
गाय को ‘पशु’ कहने पर सुनाई पूरी कहानी
अयोध्या में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाल ही में कुछ मौलवियों की ओर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग वाला ज्ञापन भेजा गया था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने ज्ञापन पढ़ा तो उसमें गाय को ‘पशु’ कहा गया था, जिसे देखकर वह हैरान रह गए।
सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने ज्ञापन से जुड़े कुछ लोगों को फोन कर पूछा कि गाय को पशु क्यों कहा गया। उनके मुताबिक, जवाब में कहा गया कि यह गलती से लिखा गया। इस पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल गलती थी या फिर जानबूझकर की गई शरारत।
‘गाय हमारी माता है, विश्व की माता है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन परंपरा में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उन्होंने संस्कृत वाक्यांश ‘गावो विश्वस्य मातरः’ का उल्लेख करते हुए कहा कि गाय केवल भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व की माता मानी गई है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन संस्कृति के किसी भी संस्कार की कल्पना गौ माता के बिना नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि वह स्वयं अपने आश्रम में गौपालन करते हैं और प्रदेश सरकार की ओर से लाखों गौवंश की देखभाल गौशालाओं के माध्यम से कराई जा रही है।
गौ तस्करी और गौ हत्या पर भी बोले सीएम
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज के भीतर गौ तस्करी और गौ हत्या जैसी घटनाओं पर रोक लग जाए तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लगने वाले संसाधनों का उपयोग अन्य जनहित कार्यों में किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे विषयों पर आत्ममंथन करने की जरूरत है, न कि दूसरों को उपदेश देने की।
संभल और अयोध्या का भी किया जिक्र
Yogi Adityanath Ayodhya Speech में मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि 1526 में संभल के हरिहर मंदिर को तोड़कर वहां एक ढांचा खड़ा किया गया था। उनका कहना था कि यदि उस समय समाज संगठित होकर विरोध करता तो अयोध्या में भी ऐसी घटनाओं को दोहराने का साहस नहीं होता। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेने और समाज को एकजुट रखने की जरूरत है।
‘हम बंटे थे, इसलिए कटे थे’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के इतिहास में कई कठिन परिस्थितियां केवल इसलिए पैदा हुईं क्योंकि समाज एकजुट नहीं था। उन्होंने कहा कि शक्ति, संसाधन और क्षमता की कमी कभी नहीं रही, लेकिन एकता की कमी ने नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने लोगों से जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर होने वाले विभाजन से सावधान रहने की अपील की।
सोशल मीडिया और फेक अकाउंट पर जताई चिंता
सीएम योगी ने कहा कि आज के दौर में समाज को बांटने के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी अकाउंट बनाकर विभिन्न समुदायों और जातियों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे प्रयासों को पहचानकर उनसे सतर्क रहने की जरूरत है।
राम मंदिर और सनातन परंपरा का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या और श्रीराम जन्मभूमि को लेकर भी कुछ ताकतें माहौल खराब करने का प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा कि केवल राम का नाम लेने से कोई रामभक्त नहीं बन जाता, बल्कि उसके आचरण और विचार भी उसी भावना के अनुरूप होने चाहिए।
उन्होंने लोगों से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम से पहले किए रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन
अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने दिगंबर अखाड़ा पहुंचकर राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख संत रहे महंत रामचंद्र दास परमहंस को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में मौजूद साधु-संतों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें आशीर्वाद भी दिया।




