The Red Ink
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे कथित गबन के आरोपों के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन विपक्षी नेताओं ने हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का दावा किया है, उनसे भी उनके आरोपों के आधार और सबूत लिए जाने चाहिए। उनका कहना है कि इससे जांच सही दिशा में आगे बढ़ेगी और सच्चाई सामने आएगी।
‘आरोप लगाए हैं तो आधार भी बताना होगा’
आलोक कुमार ने कहा कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. राम गोपाल यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले का दावा किया है। वहीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी चढ़ावे से जुड़े गंभीर सवाल उठाए हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों को इन नेताओं से उनके दावों के समर्थन में उपलब्ध जानकारी, दस्तावेज या गवाहों के बारे में पूछताछ करनी चाहिए।
‘वरिष्ठ नेताओं के बयान को हल्के में नहीं लिया जा सकता’
वीएचपी अध्यक्ष ने कहा कि जिन नेताओं ने ये आरोप लगाए हैं, वे लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन और महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारियों में रहे हैं। इसलिए यह मानना स्वाभाविक है कि उनके बयानों के पीछे कोई न कोई आधार होगा। यदि वे जांच एजेंसियों के सामने उपलब्ध जानकारी साझा करते हैं, तो पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंचना आसान होगा।
निष्पक्ष जांच से ही खत्म होगा विवाद
आलोक कुमार ने कहा कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र से जुड़े किसी भी विवाद पर राजनीति के बजाय तथ्यों के आधार पर फैसला होना चाहिए। उनका मानना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही इस पूरे विवाद पर उठ रहे सवालों का स्थायी जवाब दे सकती है और लोगों के बीच भरोसा बनाए रख सकती है।




