US-Iran Tension: ईरान जा रहे पनामा-फ्लैग जहाज को अमेरिकी सेना ने रोका, हेलफायर मिसाइल से किया नाकाम

US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने एक वाणिज्यिक जहाज को रोकने का दावा किया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, पनामा के झंडे वाला यह जहाज ईरान के एक बंदरगाह की तरफ बढ़ रहा था और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था।

सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि जहाज के नागरिक चालक दल को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उन्होंने अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन नहीं किया। इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने जहाज के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की।

अमेरिकी कमांड के मुताबिक, कार्रवाई के बाद जहाज की ईरान की तरफ बढ़ने की क्षमता खत्म हो गई और वह अब ईरान की दिशा में आगे नहीं जा रहा है।

चेतावनी के बाद शुरू हुई कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि संबंधित जहाज ओमान की खाड़ी से गुजरते हुए ईरान की ओर बढ़ रहा था। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि जहाज का मकसद ईरानी बंदरगाह तक पहुंचना और वहां लागू अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को पार करना था।

सेंटकॉम के मुताबिक, जहाज के चालक दल को रोकने के लिए बार-बार चेतावनी दी गई। जब चालक दल ने अमेरिकी चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिया तो सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया गया।

अमेरिकी सेना के बयान के अनुसार, इसके बाद अमेरिकी नौसेना के एक MH-60 हेलीकॉप्टर ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया।

दो हेलफायर मिसाइलें दागने का दावा

सेंट्रल कमांड ने बताया कि अमेरिकी नौसेना के MH-60 हेलीकॉप्टर से जहाज पर दो Hellfire missiles दागी गईं। अमेरिकी सेना का कहना है कि इस कार्रवाई के जरिए जहाज के संचालन और दिशा नियंत्रित करने वाली व्यवस्था को प्रभावित किया गया।

सेंटकॉम ने दावा किया कि हमले के बाद जहाज का स्टीयरिंग सिस्टम नाकाम हो गया। अमेरिकी कमांड ने अपने बयान में कहा कि अब यह जहाज ईरान की ओर नहीं जा रहा है।

हालांकि, इस कार्रवाई से जहाज को कितना नुकसान हुआ और उसके चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी अमेरिकी बयान में नहीं दी गई है।

55 कमर्शियल जहाजों का बदला गया रास्ता

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सिर्फ इस एक जहाज की कार्रवाई की जानकारी नहीं दी, बल्कि ईरान की ओर जाने वाले अन्य वाणिज्यिक जहाजों को लेकर भी आंकड़े साझा किए हैं।

सेंटकॉम के अनुसार, मंगलवार 11 अगस्त तक कुल 55 commercial ships का रास्ता बदला जा चुका है। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन जहाजों की आवाजाही को लेकर कार्रवाई की गई है ताकि वे निर्धारित समुद्री रास्ते से ईरान की दिशा में आगे न बढ़ सकें।

इसके अलावा अमेरिकी कमांड ने दावा किया कि सहयोग नहीं करने वाले तीन जहाजों को नाकाम किया गया है। दो अन्य जहाजों की तलाशी लिए जाने की जानकारी भी सेंटकॉम ने दी है।

इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि अमेरिका ईरान की ओर जाने वाले समुद्री रास्तों पर वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर लगातार निगरानी रख रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है ओमान की खाड़ी?

ओमान की खाड़ी दुनिया के बेहद महत्वपूर्ण समुद्री इलाकों में शामिल है। यह क्षेत्र फारस की खाड़ी और अरब सागर के बीच समुद्री आवाजाही के लिए अहम रास्ता है।

इस क्षेत्र में किसी वाणिज्यिक जहाज को सैन्य तरीके से रोकना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और व्यापार पर पड़ सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों के बीच समुद्री गतिविधियों पर निगरानी बढ़ने से व्यापारिक जहाजों के लिए जोखिम और अनिश्चितता बढ़ सकती है।

विशेष रूप से तब, जब अमेरिकी सेना की ओर से कई जहाजों का रास्ता बदलने और कुछ जहाजों के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा किया जा रहा है।

जहाज के बारे में क्या जानकारी सामने आई?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयान के मुताबिक, संबंधित जहाज पनामा के झंडे के तहत चल रहा था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में जहाज का नाम, उसका मालिक, उसमें मौजूद सामान और उसकी अंतिम मंजिल से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

अमेरिकी सेना ने यह जरूर कहा है कि जहाज ईरान के एक बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था।

इस कार्रवाई को लेकर अभी तक जहाज के मालिक या चालक दल की तरफ से कोई अलग पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड के दावे पर आधारित है।

अमेरिका की समुद्री रणनीति हुई सख्त

अमेरिकी सेना की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि ईरान की दिशा में जाने वाले जहाजों को लेकर उसकी नीति सख्त हो रही है।

55 जहाजों का रास्ता बदलने, तीन जहाजों को नाकाम करने और दो जहाजों की तलाशी लेने का दावा ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका ईरान से जुड़े समुद्री रास्तों पर अपनी सैन्य मौजूदगी और निगरानी को लेकर लगातार सक्रिय है।

वाणिज्यिक जहाजों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि समुद्री मार्ग बदलने से यात्रा का समय और परिचालन लागत प्रभावित हो सकती है।

आगे बढ़ सकता है समुद्री तनाव

ओमान की खाड़ी में हुई इस कार्रवाई के बाद अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री तनाव और बढ़ने की आशंका है। अगर आने वाले दिनों में भी ईरान की ओर जाने वाले जहाजों को इसी तरह रोका जाता है, तो इसका असर क्षेत्रीय समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।

फिलहाल अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। उसके मुताबिक, चेतावनी के बावजूद आगे बढ़ रहे जहाज को रोका गया और उसकी दिशा नियंत्रित करने वाली प्रणाली को नाकाम कर दिया गया।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि ईरान इस कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या संबंधित जहाज या उसके चालक दल की ओर से घटना को लेकर कोई अलग जानकारी सामने आती है।

US-Iran Tension के बीच ओमान की खाड़ी में हुई यह कार्रवाई इसलिए अहम है क्योंकि इसमें पहली बार सिर्फ निगरानी या रास्ता बदलने की बात नहीं, बल्कि एक वाणिज्यिक जहाज की संचालन प्रणाली को सैन्य कार्रवाई के जरिए नाकाम करने का दावा किया गया है।

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