The Red Ink
उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर थमते ही भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। रविवार सुबह से ही तेज धूप और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। हवा की रफ्तार कम होने से गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है। गर्मी का असर अब सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है। प्रयागराज पुलिस लाइन स्थित अस्तबल में घोड़ों को राहत देने के लिए कूलर और पंखे लगाए गए हैं। वहीं गोरखपुर चिड़ियाघर में हाथियों को बार-बार पानी से नहलाया जा रहा है, ताकि उन्हें तेज गर्मी से बचाया जा सके। कानपुर में नगर निगम ने सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है। वॉटर स्प्रिंकलर के जरिए मुख्य मार्गों पर लगातार पानी डाला जा रहा है, जिससे सड़क का तापमान कम किया जा सके।
23 जिलों में लू का अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 23 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों तक तापमान लगातार बढ़ेगा और 20 मई के बाद गर्मी और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकती है। पूर्वांचल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज लू चलने की आशंका जताई गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। बांदा लगातार पांचवें दिन सबसे गर्म शहर बना रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं आजमगढ़ सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मानसून की संभावित एंट्री डेट भी सामने आई
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, मानसून केरल में 26 मई के आसपास दस्तक दे सकता है। इसके आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि 18 जून के करीब मानसून गोरखपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह शुरुआती अनुमान है और मानसून की रफ्तार के अनुसार तारीखों में बदलाव संभव है।
फिलहाल मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले एक हफ्ते तक प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। पूरे यूपी में भीषण गर्मी और लू का असर बना रहेगा।




