The Red Ink
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने सोमवार को एक विस्तृत प्रेस वार्ता में राज्य की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस सुधारों को लेकर बड़ा रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। डीजीपी ने बताया कि सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप पुलिस विभाग ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर विशेष ध्यान दिया है।
ऑपरेशन कन्विक्शन बना बड़ी सफलता
राजीव कृष्ण के अनुसार, “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत पुलिस और अभियोजन विभाग के संयुक्त प्रयासों से 93 प्रतिशत से अधिक दोषसिद्धि दर हासिल की गई। इस अभियान के तहत 32 हजार से ज्यादा मामलों का निस्तारण हुआ, जिनमें करीब 30 हजार मामलों में अदालतों ने दोषसिद्धि दर्ज की। उन्होंने बताया कि कुल 42,681 अपराधियों को सजा दिलाई गई, जिनमें 18 अपराधियों को मृत्युदंड और 3,340 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
गैंगस्टरों और माफियाओं पर शिकंजा
डीजीपी ने कहा कि संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। गैंगस्टर एक्ट के तहत 5,684 अपराधियों पर कार्रवाई की गई, जबकि लगभग 788 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की गईं। इसके अलावा प्रदेश के कई चर्चित माफियाओं और उनके सहयोगियों को अदालतों से सजा दिलाई गई। पुलिस ने माफिया नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए 336 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की।
अपराधों में दर्ज हुई गिरावट
राजीव कृष्ण ने दावा किया कि राज्य में कई गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई है। लूट, चोरी और डकैती जैसी वारदातों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। हत्या, बलवा और नकबजनी जैसे अपराधों के आंकड़ों में भी कमी देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक, इंटेलिजेंस नेटवर्क और फील्ड पुलिसिंग को मजबूत किया गया है।
महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस
डीजीपी ने बताया कि मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत प्रदेश के सभी थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। राज्य के 1,647 थानों में महिला हेल्प डेस्क सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। महिला सुरक्षा से जुड़े 40 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप बलात्कार, महिलाओं और बच्चियों के अपहरण, दहेज हत्या तथा घरेलू हिंसा जैसे मामलों में कमी दर्ज की गई है।
साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
साइबर अपराधों पर नियंत्रण को लेकर भी यूपी पुलिस ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं। लखनऊ के कल्ली पश्चिम क्षेत्र में आधुनिक साइबर क्राइम कॉल सेंटर स्थापित किया गया है, जिसकी क्षमता चार गुना तक बढ़ाई गई है। डीजीपी ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से 400 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि फ्रीज कराई गई। साथ ही 1 लाख से अधिक मोबाइल नंबर और बड़ी संख्या में IMEI ब्लॉक किए गए हैं। साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम के लिए 65 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है।
तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा
राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लॉन्च किया गया Yaksh App पुलिसिंग को तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्लेटफॉर्म अपराध विश्लेषण, निगरानी और डेटा इंटेलिजेंस में मदद करेगा। नई न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी हजारों पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है।
आतंकवाद और अवैध गतिविधियों पर ATS की सख्ती
डीजीपी ने कहा कि आतंकवाद, जासूसी और अवैध घुसपैठ से जुड़े मामलों में एटीएस ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। कई संदिग्धों की गिरफ्तारी कर सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है।
“कानून का राज स्थापित करना प्राथमिकता”
प्रेस वार्ता के दौरान डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध दर्ज करना नहीं, बल्कि अपराधियों को सजा दिलाना और आम जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, जवाबदेही और सख्त कार्रवाई के जरिए प्रदेश में कानून का राज और मजबूत किया जा रहा है।




