The Red Ink
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी ने शुक्रवार को पांच जिलों के नए जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान करते हुए संगठनात्मक बदलाव की बड़ी शुरुआत कर दी। इस सूची में अवध, काशी और गोरखपुर क्षेत्र के अहम जिले शामिल हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ गोरखपुर महानगर भी शामिल है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary की ओर से जारी सूची में अंबेडकर नगर, वाराणसी, चंदौली, गोरखपुर महानगर और देवरिया के जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए गए हैं।
इन नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी
नई सूची के मुताबिक—
दिलीप देव पटेल को अंबेडकर नगर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है।
राम सकल पटेल को वाराणसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
काशी नाथ सिंह को चंदौली का जिलाध्यक्ष घोषित किया गया है।
रमेश प्रसाद गुप्ता को गोरखपुर महानगर अध्यक्ष बनाया गया है।
काली प्रसाद को देवरिया जिले की कमान दी गई है।
राजनीतिक गलियारों में इन नियुक्तियों को आगामी चुनावों और संगठन विस्तार की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
वाराणसी और गोरखपुर पर पार्टी की खास नजर
बीजेपी ने जिन जिलों में बदलाव किया है, उनमें सबसे ज्यादा चर्चा वाराणसी और गोरखपुर को लेकर है। वाराणसी प्रधानमंत्री Narendra Modi का संसदीय क्षेत्र है, जबकि गोरखपुर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। ऐसे में इन जिलों में नए चेहरों को जिम्मेदारी देना पार्टी की भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश
बीजेपी ने इस सूची के जरिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश भी की है। पार्टी संगठन लंबे समय से बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखकर नई टीम तैयार करने में जुटा था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए संगठन में नए और सक्रिय चेहरों को आगे बढ़ाना चाहती है।
अब प्रदेश पदाधिकारियों की सूची पर नजर
सूत्रों के मुताबिक, पांच जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद अब पार्टी का फोकस प्रदेश संगठन की नई टीम पर है। माना जा रहा है कि जल्द ही बीजेपी उत्तर प्रदेश अपने नए प्रदेश पदाधिकारियों, महामंत्रियों, मंत्रियों और मोर्चा अध्यक्षों की विस्तृत सूची भी जारी कर सकती है। पार्टी नेतृत्व संगठन में युवा और जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका देकर चुनावी तैयारियों को और धार देने की रणनीति पर काम कर रहा है।




