Stree Samman Samriddhi Yojana: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को लेकर सियासी मुकाबला तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी ने महिलाओं के लिए बड़ा चुनावी ऐलान करते हुए कहा है कि अगर प्रदेश में सपा की सरकार बनती है तो ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ लागू की जाएगी।
सपा सांसद डिंपल यादव ने बुधवार को लखनऊ में इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में शुरुआत 40 हजार रुपये सालाना की मदद से होगी और आगे इसमें बढ़ोतरी की जाएगी।
Stree Samman Samriddhi Yojana में महिलाओं को हर साल ₹40 हजार
डिंपल यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि महिलाओं को सिर्फ सशक्तिकरण की बातें कहकर नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाकर आगे बढ़ाया जा सकता है।
सपा सांसद के मुताबिक, Stree Samman Samriddhi Yojana के तहत महिलाओं को 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद से शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस राशि में हर साल बढ़ोतरी की जाएगी।
योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और समय के साथ इसमें सुधार करने की बात भी कही गई है।
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं।
अखिलेश यादव पहले भी कर चुके हैं योजना का ऐलान
इस योजना की घोषणा पहली बार बुधवार को नहीं हुई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव इससे पहले भी स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना लाने की बात कह चुके हैं।
मार्च 2026 में अखिलेश यादव ने कहा था कि पीडीए में ‘ए’ का मतलब ‘आधी आबादी’ है और महिलाओं को समृद्ध बनाने के लिए यह योजना लाई जाएगी।
पार्टी की पहले की घोषणाओं में महिलाओं के बैंक खातों में सीधे आर्थिक मदद भेजने, युवतियों को मोबाइल देने और प्रतिभाशाली छात्राओं को लैपटॉप देने जैसे वादे भी शामिल रहे हैं। महिलाओं और लड़कियों के कौशल विकास के लिए ‘पीडीए पाठशाला’ की बात भी पार्टी की ओर से कही गई थी।
गरीब महिलाओं से लेकर आधी आबादी तक फोकस
यहां एक अहम बात यह है कि योजना को लेकर सपा के अलग-अलग बयानों में लाभार्थियों का उल्लेख अलग तरीके से हुआ है। पहले के ऐलानों में गरीब महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई थी, जबकि बुधवार की घोषणा में डिंपल यादव ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और 40 हजार रुपये से शुरुआत की बात कही। इसलिए योजना के अंतिम पात्रता नियम और लाभार्थियों की विस्तृत सूची सरकार बनने पर ही स्पष्ट होगी।
यानी फिलहाल इसे सपा का चुनावी वादा समझना जरूरी है, न कि लागू हो चुकी सरकारी योजना।
महिलाओं के लिए सिर्फ ₹40 हजार ही नहीं, कई और वादे
सपा ने महिलाओं को लेकर केवल आर्थिक सहायता का ऐलान नहीं किया है। हालिया घोषणाओं में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, छात्राओं के लिए लैपटॉप और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण जैसे वादों की भी चर्चा है।
इसके अलावा महिलाओं के लिए कामकाजी सुविधाओं से जुड़े वादे भी सामने आए हैं। पार्टी की ओर से सरकारी और निजी कार्यालयों में महिलाओं को हर महीने दो दिन का आकस्मिक अवकाश देने की बात भी कही गई है।
2027 चुनाव से पहले महिलाओं पर बड़ा सियासी फोकस
उत्तर प्रदेश में महिला मतदाता किसी भी विधानसभा चुनाव में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में Stree Samman Samriddhi Yojana के जरिए सपा ने महिला वोटरों को सीधे आर्थिक सहायता का वादा करके अपनी चुनावी रणनीति को और स्पष्ट किया है।
राजनीतिक तौर पर यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सपा एक तरफ अपने पीडीए समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं महिलाओं को भी इस सामाजिक-राजनीतिक रणनीति के केंद्र में रखने का प्रयास कर रही है।
डिंपल यादव ने भी अपने बयान में महिलाओं को ‘आधी आबादी’ बताते हुए उनके सम्मान और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से मजबूत महिला परिवार में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है और इससे उसका सामाजिक सशक्तिकरण होता है।
सपा के सामने अब सबसे बड़ा सवाल—वादा कैसे होगा पूरा?
40 हजार रुपये सालाना की आर्थिक मदद और हर साल इसमें बढ़ोतरी का वादा निश्चित तौर पर बड़ा चुनावी वादा है। ऐसे में आगे चलकर योजना के बजट, पात्रता, भुगतान की प्रक्रिया और लाभार्थियों की संख्या जैसे सवाल महत्वपूर्ण होंगे।
सपा की ओर से फिलहाल इसे 2027 में सरकार बनने की स्थिति में लागू करने का वादा किया गया है। यानी अभी महिलाओं को मिलने वाली राशि कोई मौजूदा सरकारी भुगतान नहीं है, बल्कि चुनावी घोषणा है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा के इस ऐलान का जवाब सत्तारूढ़ भाजपा किस तरह देती है और महिला मतदाताओं को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमों की योजनाओं और वादों में आगे क्या-क्या जुड़ता है।




