The Red Ink
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी की जांच लगातार तेज होती जा रही है। रविवार को पुलिस पूछताछ के लिए जिला जेल पहुंची, जहां मामले में बंद पांच आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की गई। दूसरी ओर, 6 जुलाई को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक से पहले सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
जेल में बंद पांच आरोपियों से हुई पूछताछ
राम मंदिर चढ़ावा मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से पांच से रविवार दोपहर जिला जेल में पुलिस ने पूछताछ की। जिन लोगों से पूछताछ की गई, उनमें रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय शामिल हैं। इससे पहले तीन अन्य आरोपियों से भी पूछताछ पूरी की जा चुकी है। जांच एजेंसियों ने सुरक्षा के मद्देनज़र सभी आरोपियों को अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि एक साथ रहने पर आरोपी आपस में साक्ष्यों को प्रभावित करने या किसी तरह की रणनीति बना सकते थे।
15 जुलाई के बाद दर्ज हो सकती है एफआईआर
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी अपनी जांच अंतिम चरण में पहुंचा रही है। प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद 15 जुलाई के बाद औपचारिक एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना जताई जा रही है। जांच के दायरे में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नाम भी चर्चा में हैं, हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रस्ट की बैठक पर टिकी निगाहें
सोमवार, 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे, जबकि संचालन की जिम्मेदारी पहली बार कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि संभालेंगे। बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी फैसला लिया जा सकता है।
वीएचपी अध्यक्ष बोले- विपक्ष अपने आरोपों के सबूत दे
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने विपक्षी नेताओं के बयानों की जांच की मांग दोहराई। उनका कहना है कि प्रियंका गांधी, अरविंद केजरीवाल, प्रो. रामगोपाल यादव और संजय झा जैसे नेताओं ने चढ़ावे में बड़े घोटाले के आरोप लगाए हैं। यदि उनके दावों के आधार, सबूत या गवाह जांच एजेंसियों के सामने आएं तो सच्चाई तक पहुंचना आसान होगा।
कांग्रेस का पलटवार
आलोक कुमार के बयान पर कांग्रेस नेता भक्त चरण दास ने पलटवार करते हुए कहा कि जब चोरी की बात सामने आ चुकी है तो जांच का फोकस आरोप लगाने वालों पर नहीं, बल्कि मुख्य आरोपियों की पहचान और कार्रवाई पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष सवाल उठाएगा और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि दोषियों तक पहुंचे।
बृजभूषण और शिवपाल ने भी उठाए सवाल
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास जैसी उच्च स्तरीय बनाने की मांग की। वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि मामले में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हो रही है, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।




