Prateek Bhushan Singh 35 KM Padyatra के पीछे धार्मिक आस्था और संकल्प मुख्य वजह बताई जा रही है। प्रतीक भूषण सिंह सरयू नदी से जल लेकर पैदल यात्रा पर निकले हैं। उनका उद्देश्य भगवान शिव का जलाभिषेक करना है।
धार्मिक परंपरा में पवित्र नदी से जल लेकर पैदल शिवालय पहुंचना और भगवान शिव का अभिषेक करना आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण संकल्प माना जाता है। इसी परंपरा के तहत प्रतीक भूषण सिंह भी सरयू का जल लेकर लंबी पैदल यात्रा कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह दूरी करीब 35 किलोमीटर है। इस दौरान वह सरयू से लाए गए जल को लेकर पैदल आगे बढ़ रहे हैं और निर्धारित शिव मंदिर में पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे।
सरयू से जल लेकर पैदल निकले प्रतीक भूषण
सरयू नदी का अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक महत्व है। श्रद्धालु अलग-अलग धार्मिक अवसरों पर सरयू से जल लेकर शिव मंदिरों में पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
प्रतीक भूषण सिंह की यात्रा भी इसी धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है। वह सरयू घाट से जल लेकर पैदल निकले। करीब 35 किलोमीटर का सफर तय करने का उनका संकल्प इस यात्रा को खास बना रहा है।
उपलब्ध वीडियो/रिपोर्ट संदर्भों में भी प्रतीक भूषण सिंह के सरयू घाट से जल लेकर पैदल जाने और करीब 35 किलोमीटर की दूरी तय करने की जानकारी सामने आती है।
पिता बृजभूषण शरण सिंह के लिए भी चर्चा में आई यात्रा
प्रतीक भूषण सिंह के पिता बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। ऐसे में उनके बेटे की यह धार्मिक यात्रा राजनीतिक गतिविधियों से अलग होने के बावजूद चर्चा में आ गई है।
खास बात यह है कि प्रतीक भूषण सिंह ने जिस तरह सरयू का जल लेकर लंबी पैदल यात्रा का संकल्प लिया है, उससे परिवार के प्रति उनकी आस्था और धार्मिक विश्वास की झलक भी दिखाई देती है।
हालांकि, इस यात्रा को लेकर किसी राजनीतिक उद्देश्य का दावा करना उचित नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह धार्मिक यात्रा है, जिसमें सरयू जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाना है।
35 किलोमीटर पैदल चलकर करेंगे जलाभिषेक
इस यात्रा में सबसे ज्यादा ध्यान 35 किलोमीटर की पैदल दूरी पर है। आमतौर पर किसी धार्मिक स्थल तक कुछ दूरी पैदल तय करना सामान्य बात है, लेकिन 35 किलोमीटर की यात्रा संकल्प और शारीरिक मेहनत दोनों से जुड़ी होती है।
प्रतीक भूषण सिंह सरयू से जल लेकर पैदल निकले हैं। यात्रा पूरी होने के बाद वह भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। इस दौरान उनके साथ श्रद्धालुओं और समर्थकों की मौजूदगी भी बताई गई है।
यात्रा का महत्व केवल दूरी तक सीमित नहीं है। सरयू से जल लेकर उसे शिवलिंग पर अर्पित करना धार्मिक आस्था का प्रतीक है और इसी भावना के साथ प्रतीक भूषण सिंह ने यह संकल्प लिया है।
गोंडा में चर्चा का विषय बनी धार्मिक यात्रा
प्रतीक भूषण सिंह गोंडा सदर से भाजपा विधायक हैं। उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह भी गोंडा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली नाम रहे हैं। ऐसे में उनके बेटे की 35 किलोमीटर की धार्मिक पदयात्रा का स्थानीय स्तर पर चर्चा में आना स्वाभाविक है।
सरयू से जल लेकर शिव मंदिर तक पहुंचने की यह यात्रा धार्मिक परंपरा और व्यक्तिगत आस्था से जुड़ी है। प्रतीक भूषण सिंह के इस संकल्प को लेकर लोगों की नजर अब इस बात पर है कि वह 35 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर कब मंदिर पहुंचते हैं और किस तरह जलाभिषेक करते हैं।
आज की खबर में क्या है खास?
आज सामने आई इस खबर की सबसे बड़ी बात यही है कि Prateek Bhushan Singh 35 KM Padyatra पर निकले हैं। सरयू नदी से जल लेकर वह पैदल शिव मंदिर की ओर जा रहे हैं। उनका लक्ष्य भगवान शिव का जलाभिषेक करना है।
यह यात्रा ऐसे समय में चर्चा में आई है जब बृजभूषण शरण सिंह का नाम उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा में बना रहता है। हालांकि, प्रतीक भूषण सिंह की यह पहल धार्मिक है और इसे उसी संदर्भ में देखना ज्यादा उचित होगा।
सरयू से जल लेकर 35 किलोमीटर पैदल यात्रा और इसके बाद भगवान शिव का जलाभिषेक—प्रतीक भूषण सिंह के इस संकल्प ने गोंडा से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक लोगों का ध्यान खींचा है।



