Xi Jinping BRICS Roadmap: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र में अगले साल चीन की BRICS अध्यक्षता से पहले आर्थिक, डिजिटल और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने का रोडमैप पेश किया। नई दिल्ली के भारत मंडपम में बोलते हुए जिनपिंग ने सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इकोनॉमी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और विज्ञान-तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की पांच प्रमुख पहलों का प्रस्ताव रखा।
2026 में भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, जबकि 2027 में यह जिम्मेदारी चीन के पास होगी। ऐसे में जिनपिंग की ओर से रखे गए प्रस्तावों को अगले साल की चीनी अध्यक्षता के संभावित आर्थिक और तकनीकी एजेंडे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की कोशिश BRICS को केवल राजनीतिक संवाद के मंच तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक आर्थिक और विकास सहयोग के प्लेटफॉर्म के रूप में और मजबूत करने की है।
Xi Jinping BRICS Roadmap: विशेष आर्थिक क्षेत्र से शुरू होगी नई पहल
शी जिनपिंग ने BRICS विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) साझेदारी बनाने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
विशेष आर्थिक क्षेत्रों में कारोबार के लिए अपेक्षाकृत अनुकूल वातावरण, बेहतर बुनियादी ढांचा और निवेश से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। BRICS देशों के SEZs के बीच सहयोग बढ़ने से कंपनियों के लिए नए निवेश और उत्पादन अवसर तैयार हो सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि नई दिल्ली घोषणा में भी BRICS देशों के विशेष आर्थिक क्षेत्रों की क्षमता का इस्तेमाल व्यापार, निवेश, औद्योगिक सहयोग, नवाचार और वैश्विक वैल्यू चेन के एकीकरण के लिए करने की बात कही गई है।
चीन में होगा BRICS Service Trade Forum
जिनपिंग ने घोषणा की कि चीन अगले साल BRICS Service Trade Forum की मेजबानी करेगा। इसका उद्देश्य सेवा व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों को आगे बढ़ाना होगा।
सेवा क्षेत्र में IT, पर्यटन, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, वित्त और पेशेवर सेवाओं जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। BRICS देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ने से पारंपरिक वस्तु व्यापार के अलावा सेवाओं की हिस्सेदारी भी बढ़ाने की कोशिश हो सकती है।
AI को BRICS सहयोग के केंद्र में लाने की तैयारी
शी जिनपिंग के पांच प्रस्तावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर खास जोर रहा। उन्होंने Open Source और Inclusive AI Initiative का प्रस्ताव रखा।
इसके तहत चीन BRICS AI Open Source Community की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाने की बात कर रहा है। इसका उद्देश्य AI के विकास और इस्तेमाल में अधिक सहयोग तथा तकनीकी अनुभव साझा करने की दिशा में काम करना है।
AI को लेकर चीन पहले भी ग्लोबल साउथ के देशों के बीच तकनीकी क्षमता बढ़ाने और ओपन-सोर्स सहयोग की वकालत करता रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, AI के क्षेत्र में ओपन-सोर्स और ओपननेस को समावेशी AI विकास का महत्वपूर्ण रास्ता माना जा रहा है।
इस पहल का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि AI अब अर्थव्यवस्था, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से इस्तेमाल हो रहा है।
डिजिटल BRICS के लिए Cloud Platform का प्रस्ताव
शी जिनपिंग ने डिजिटल क्षेत्र में BRICS Digital Ecosystem Cloud Platform स्थापित करने की बात भी कही।
इसका मकसद BRICS देशों के बीच डिजिटल सहयोग के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म तैयार करना है। डिजिटल इकोसिस्टम से जुड़े सहयोग में डेटा, डिजिटल सेवाएं, तकनीकी क्षमता और नए डिजिटल बिजनेस मॉडल जैसे क्षेत्र महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
BRICS के आर्थिक एजेंडे में डिजिटल अर्थव्यवस्था की भूमिका लगातार बढ़ रही है। भारत की 2026 अध्यक्षता में भी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सहयोग को महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में रखा गया है।
स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर चीन का फोकस
शी जिनपिंग ने विनिर्माण क्षेत्र के लिए Smart Manufacturing Cooperation का प्रस्ताव रखा। इसके तहत चीन BRICS देशों को स्मार्ट फैक्ट्रियां विकसित करने और इस क्षेत्र में मानक तैयार करने में मदद करने की बात कर रहा है।
स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग में ऑटोमेशन, AI, रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करके उत्पादन को अधिक कुशल बनाने पर जोर दिया जाता है।
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब BRICS देश अपनी औद्योगिक क्षमता बढ़ाने और वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत की अध्यक्षता में भी BRICS के औद्योगिक सहयोग और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को आगे बढ़ाने पर काम हुआ है। अगस्त 2026 में BRICS Industry Ministers की बैठक में भी भविष्य के लिए मजबूत और प्रतिस्पर्धी उद्योग विकसित करने पर जोर दिया गया था।
विज्ञान-तकनीक और युवाओं के लिए नई पहल
शी जिनपिंग ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में BRICS Engineer Alliance शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ युवाओं के लिए Innovation Exchange Programme शुरू करने की बात भी कही गई।
इन पहलों का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच तकनीकी विशेषज्ञता, ज्ञान और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। खासतौर पर युवाओं को विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देने पर जोर रहेगा।
चीन के मुताबिक, BRICS देशों की आर्थिक और तकनीकी क्षमता को आगे बढ़ाने के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना महत्वपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रमों से इंजीनियरों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और युवा इनोवेटर्स के बीच सहयोग बढ़ सकता है।
पांच पहलों के पीछे क्या है चीन की सोच?
Xi Jinping BRICS Roadmap को केवल कुछ नए कार्यक्रमों की सूची के तौर पर नहीं देखा जा सकता। इन प्रस्तावों में BRICS के आर्थिक और तकनीकी सहयोग को अधिक व्यावहारिक बनाने की कोशिश दिखाई देती है।
इन पांच क्षेत्रों को देखें तो पहला फोकस व्यापार और निवेश पर है, दूसरा AI पर, तीसरा डिजिटल इकोसिस्टम पर, चौथा स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर और पांचवां विज्ञान-तकनीक तथा मानव संसाधन पर। यानी चीन की प्रस्तावित दिशा अर्थव्यवस्था से लेकर भविष्य की तकनीकों तक फैली हुई है।
रॉयटर्स के मुताबिक, शी जिनपिंग ने विस्तारित BRICS को वैश्विक दक्षिण के विकास के लिए एक व्यावहारिक प्लेटफॉर्म के रूप में मजबूत करने पर जोर दिया है। चीन की 2027 की अध्यक्षता में इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम होने की संभावना है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है चीन का BRICS रोडमैप?
भारत और चीन के बीच आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों को लेकर कई मतभेद रहे हैं, लेकिन दोनों देश BRICS के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। ऐसे में BRICS के आर्थिक, डिजिटल और तकनीकी एजेंडे में चीन की प्रस्तावित पहलों का भारत के लिए भी महत्व है।
भारत पहले से ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, AI, स्टार्टअप, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों पर जोर दे रहा है। इसलिए BRICS के भीतर इन क्षेत्रों में सहयोग के अवसर भारत के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हालांकि, किसी भी प्रस्ताव की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सदस्य देश उन्हें किस तरह लागू करते हैं और अलग-अलग राष्ट्रीय हितों के बीच किस तरह तालमेल बनाते हैं।
BRICS की अगली दिशा पर चीन की नजर
18वें BRICS शिखर सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता के दौरान कई आर्थिक और तकनीकी पहलों पर चर्चा हुई। अब अगले साल चीन के पास अध्यक्षता आने वाली है। ऐसे में शी जिनपिंग द्वारा पेश किया गया यह रोडमैप 2027 की अध्यक्षता के लिए चीन की प्राथमिकताओं का शुरुआती संकेत देता है।
Xi Jinping BRICS Roadmap में व्यापार और निवेश से लेकर AI, डिजिटल तकनीक, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और युवा प्रतिभाओं तक कई ऐसे क्षेत्र शामिल हैं, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले हैं।
अब बड़ा सवाल यही है कि इन प्रस्तावों को BRICS के सभी सदस्य देश किस स्तर तक अपनाते हैं और चीन की 2027 की अध्यक्षता में इन्हें कितनी तेजी से जमीन पर उतारा जाता है।




