Parliament Monsoon Session के आखिरी दिन संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा देखने को मिला। लगातार नारेबाजी और विरोध के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। परंपरा के मुताबिक ‘वंदे मातरम्’ के गायन के बाद सदन की कार्यवाही समाप्त हुई, लेकिन अंतिम दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा राजनीतिक टकराव चर्चा का केंद्र रहा।
सदन के भीतर गूंजे नारे
सत्र के अंतिम दिन विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। कई बार व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की गई, लेकिन शोर-शराबे के बीच कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई।
संसद परिसर में भी बढ़ी सियासी गर्मी
संसद भवन के मकर द्वार पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने नजर आए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। संसद परिसर में राजनीतिक माहौल पूरे दिन गर्म रहा।
राहुल गांधी को लेकर बीजेपी का प्रदर्शन
बीजेपी सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया। सत्ता पक्ष का आरोप था कि झारखंड में छात्रों के चल रहे आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।
विपक्ष ने किया पलटवार
बीजेपी के आरोपों के जवाब में विपक्षी सांसदों ने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष का कहना था कि सरकार महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली।
राजनीतिक टकराव के साथ खत्म हुआ सत्र
इस बार Parliament Monsoon Session का समापन भारी हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुआ। सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला। सत्र समाप्त होने के साथ अब राजनीतिक दल आगामी रणनीतियों और आने वाले संसदीय सत्रों की तैयारियों में जुटेंगे।




