पापा को हमेशा के लिए अपने साथ ले चली पद्मजा: 7 साल की बेटी ने हाथ पर बनवाया पिता प्रतीक यादव का टैटू, भावुक कर देगा यह दृश्य

The Red Ink
पिता और बेटी का रिश्ता दुनिया के सबसे खूबसूरत और भावनात्मक रिश्तों में से एक माना जाता है। जब यही रिश्ता अचानक बिछड़ जाए, तो उस दर्द को शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता। समाजवादी परिवार से जुड़ी एक ऐसी ही भावुक कहानी इन दिनों लोगों की आंखें नम कर रही है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे Prateek Yadav के निधन के बाद उनकी छोटी बेटी पद्मजा ने अपने पिता को याद रखने का ऐसा तरीका चुना है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। महज 7 साल की पद्मजा ने अपने हाथ पर पिता की तस्वीर का टैटू बनवाया है। टैटू बनवाते समय का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस मासूम बेटी के प्यार और भावनाओं को देखकर भावुक हो रहे हैं।

38 साल की उम्र में हुआ था प्रतीक यादव का निधन
गौरतलब है कि 13 मई 2026 को प्रतीक यादव का अचानक निधन हो गया था। बताया गया कि वह लंबे समय से फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म जैसी जटिल स्वास्थ्य समस्या के कारण उनकी हालत बिगड़ी और इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर ने न केवल परिवार बल्कि राजनीतिक और सामाजिक जगत को भी स्तब्ध कर दिया था। फिटनेस प्रेमी और सकारात्मक व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले प्रतीक यादव को जानने वाले आज भी उनके जाने के सदमे से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं।

“अब पापा हमेशा मेरे साथ रहेंगे”
परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, पिता के निधन के बाद पद्मजा अक्सर उनकी तस्वीरों को देखती रहती थीं। इसी बीच उन्होंने अपने पिता की तस्वीर को अपने हाथ पर स्थायी रूप से बनवाने की इच्छा जताई। जब टैटू तैयार हुआ और हाथ पर पिता की मुस्कुराती तस्वीर उभरी, तो पद्मजा के चेहरे पर अलग ही संतोष दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने भावुक होकर कहा, “अब पापा हमेशा मेरे साथ रहेंगे।” यह एक मासूम बच्ची के मन में अपने पिता के प्रति अटूट प्रेम और लगाव का प्रतीक बन गया है।

हर किसी की आंखें हुईं नम
टैटू आर्टिस्ट साक्षी ने इस खास टैटू को तैयार किया। जैसे ही इसका वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने अपनी भावनाएं साझा करनी शुरू कर दीं। कई लोगों ने इसे पिता-पुत्री के रिश्ते का सबसे मार्मिक उदाहरण बताया। पद्मजा और उनकी बड़ी बहन प्रथमा, दोनों ही अपने पिता के बेहद करीब थीं। अंतिम संस्कार से लेकर अन्य धार्मिक कार्यक्रमों तक परिवार कई बार भावुक नजर आया। लेकिन अब छोटी बेटी का यह कदम लोगों के दिलों को और गहराई से छू रहा है।

सिर्फ टैटू नहीं, एक बेटी की यादों का संसार
कहा जाता है कि बेटियां अपने पिता की सबसे बड़ी ताकत और सबसे प्यारी दोस्त होती हैं। बचपन की यादें, साथ बिताए पल, कहानियां और पिता का स्नेह उम्रभर दिल में बस जाता है। पद्मजा का यह टैटू सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि उन अनगिनत यादों का प्रतीक है जिन्हें वह अपने पिता के साथ हमेशा संजोकर रखना चाहती हैं। यही वजह है कि इस छोटी सी बच्ची का यह भावनात्मक फैसला आज हजारों लोगों के दिलों को छू रहा है।

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