Operation Sindoor: बहावलपुर में जैश का मरकज सुभानअल्लाह फिर तैयार, रिपोर्ट में पुनर्निर्माण का दावा

ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिर खड़ा हुआ जैश का ठिकाना…

Operation Sindoor के दौरान भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय मरकज सुभानअल्लाह को भारी नुकसान पहुंचा था। अब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह परिसर दोबारा तैयार कर लिया गया है और इसके पुनर्निर्माण का काम पूरा हो चुका है।

रिपोर्ट के अनुसार, बहावलपुर स्थित इस परिसर की मरम्मत और पुनर्निर्माण में करीब 15 महीने का समय लगा। परिसर के क्षतिग्रस्त हिस्सों को नए सिरे से तैयार किया गया है और इमारत को पहले जैसा स्वरूप देने की कोशिश की गई है।

Operation Sindoor में तबाह हुए हिस्सों की मरम्मत

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मरकज सुभानअल्लाह के क्षतिग्रस्त गुंबदों का पुनर्निर्माण किया गया है। इमारत पर नया प्लास्टर, संगमरमर और पेंट लगाया गया है। दीवारों और अन्य संरचनाओं की भी व्यापक मरम्मत की गई है।

बताया जा रहा है कि परिसर के कई हिस्सों को नए सिरे से विकसित किया गया है ताकि वह फिर से उपयोग के लिए तैयार हो सके।

2025 में हुई थी भारतीय कार्रवाई

Operation Sindoor की पृष्ठभूमि

6 और 7 मई 2025 की रात भारतीय सशस्त्र बलों ने Operation Sindoor के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।

यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी। उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद भारत ने आतंकवादी ढांचे पर जवाबी कार्रवाई की थी।

मरम्मत पर 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपए खर्च होने का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने मरकज सुभानअल्लाह के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपए उपलब्ध कराए।

इसके अलावा मदरसा अल-सबीर और जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों के आवासीय क्षेत्रों के पुनर्निर्माण का काम भी जारी बताया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

भर्ती और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है परिसर

Operation Sindoor के निशाने पर क्यों था मरकज सुभानअल्लाह?

बहावलपुर स्थित मरकज सुभानअल्लाह भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है। यह परिसर करीब 18 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ बताया जाता है और इसे उस्मान-ओ-अली कैंपस के नाम से भी जाना जाता है।

भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इसे जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र मानती रही हैं। आरोप है कि यहां आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण और कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार किया जाता था।

परिसर में मस्जिद, मदरसा और अन्य प्रशासनिक भवन भी मौजूद बताए जाते हैं।

कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा जैश

जैश-ए-मोहम्मद का नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है। इनमें 2001 का संसद हमला, 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा आत्मघाती हमला शामिल हैं।

भारतीय एजेंसियों का मानना रहा है कि पुलवामा हमले की साजिश भी बहावलपुर स्थित इसी नेटवर्क में तैयार की गई थी। इसी वजह से Operation Sindoor के दौरान मरकज सुभानअल्लाह को प्रमुख लक्ष्यों में शामिल किया गया था।

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर असर

मरकज सुभानअल्लाह के पुनर्निर्माण से जुड़ी रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब भारत लगातार पाकिस्तान से अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करता रहा है। इस घटनाक्रम पर दोनों देशों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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