The Red Ink
उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुभासपा प्रमुख Om Prakash Rajbhar ने सपा प्रमुख Akhilesh Yadav पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखते हुए कहा कि भाई के निधन के बाद भी अखिलेश राजनीति कर रहे हैं और सत्ता की लालसा नहीं छोड़ पा रहे। उन्होंने तंज कसते हुए यहां तक कह दिया कि अगर विभाग चाहिए तो सुभासपा जॉइन कर लें, वह खुद सीएम योगी से बात कर मंत्री बनवा देंगे।
कैबिनेट विस्तार पर टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, 10 मई को यूपी सरकार में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद से नए मंत्रियों को विभाग नहीं मिलने पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी मुद्दे पर अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट कर भाजपा सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि मंत्रालयों के बंटवारे में देरी की वजह “कमीशन और कमाई का बंटवारा” है और डबल इंजन सरकार आपस में टकरा रही है। अखिलेश ने यह भी लिखा कि नए मंत्री सिर्फ दर्शक बनकर बैठे हैं और जनता अब सोशल मीडिया व सिटिजन जर्नलिज्म के जरिए भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार का हिसाब रखेगी। सपा प्रमुख ने दावा किया कि जनता टैक्स के पैसों की लूट का सबूत जुटाएगी और भाजपा का “असली चेहरा” सामने लाएगी।
राजभर बोले- ‘तेरहवीं तक तो रुक जाते’
अखिलेश के इसी बयान पर पलटवार करते हुए ओपी राजभर ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि पूरा परिवार शोक में है, लेकिन इसके बावजूद अखिलेश राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे। उन्होंने कहा कि कम से कम भाई की तेरहवीं तक तो इंतजार करना चाहिए था। राजभर ने लिखा कि लगता है अखिलेश ने “लोकलाज” छोड़ दी है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर उन्हें भी कोई विभाग मिलने की उम्मीद है तो वह सुभासपा में शामिल हो जाएं, वह सीएम Yogi Adityanath से लड़कर भी उन्हें मंत्री बनवा देंगे।
सोशल मीडिया पर लगातार बढ़ रही तल्खी
पिछले कुछ हफ्तों से अखिलेश यादव और ओपी राजभर के बीच सोशल मीडिया वार लगातार तेज होती जा रही है। बंगाल चुनाव के बाद जब अखिलेश ने Mamata Banerjee और M. K. Stalin से मुलाकात की थी, तब भी राजभर ने उन पर कटाक्ष किया था। उन्होंने कहा था कि “हारने वालों की नई जोड़ी” तैयार हो रही है और 2027 में हार का नया रिकॉर्ड बनेगा। दो दिन पहले जौनपुर में भी राजभर ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा था कि पार्टी में अब “दगे हुए कारतूस” बचे हैं और कोई नेता ऐसा नहीं जो अपने दम पर चुनाव जिता सके।
विभाग बंटवारे को लेकर जारी है सस्पेंस
योगी सरकार के हालिया कैबिनेट विस्तार में छह नए चेहरों को मंत्री बनाया गया, जबकि दो मंत्रियों को प्रमोशन मिला। हालांकि कई दिन बीत जाने के बाद भी विभागों का बंटवारा नहीं हुआ है। इसी को लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है और भाजपा के भीतर भी चर्चाएं तेज हैं।




