MP-राजस्थान समेत 6 राज्यों में बारिश का कहर, हिमाचल में कार पर गिरी चट्टान; 259 सड़कें बंद

The Red Ink

मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इन राज्यों के कई इलाकों में पिछले 24 घंटे से बारिश का दौर जारी है। कहीं सड़कें जलमग्न हैं तो कहीं भूस्खलन और मलबा गिरने से रास्ते बंद हो गए हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार दूसरे दिन बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में शहर में 7 इंच से ज्यादा पानी रिकॉर्ड किया गया। हालात को देखते हुए स्कूलों में दो दिन की छुट्टी घोषित की गई है। कई इलाकों में घरों के आसपास करीब 5 फीट तक पानी भरने की सूचना है।

राजस्थान में 23 जिलों के लिए अलर्ट

राजस्थान में भी बारिश का असर व्यापक है। मौसम विभाग ने आज 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 17 जिलों के लिए यलो अलर्ट है।

हाड़ौती क्षेत्र में बारिश ने सबसे ज्यादा असर दिखाया है। कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में पिछले 24 घंटे के दौरान कई जगहों पर 12 इंच तक बारिश दर्ज की गई है। लगातार पानी गिरने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

चलती कार पर गिरी चट्टान, दो लोग घायल

हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ पहाड़ों से मलबा और चट्टानें गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। कुल्लू में NH-305 पर एक चलती कार के ऊपर मलबा और पत्थर आ गिरे। हादसे में कार सवार दो लोग घायल हो गए।

मलबा इतना ज्यादा था कि कार उसके नीचे दब गई। प्रदेश के कई हिस्सों में रात से ही बारिश जारी है, जिसके चलते प्रशासन को कई इलाकों में सड़क और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

हिमाचल में 259 सड़कें बंद, बिजली-पानी पर भी असर

लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़-मनाली फोरलेन समेत कुल 259 सड़कें प्रभावित हैं। इसके अलावा 161 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 54 पेयजल योजनाओं पर भी असर पड़ा है।

कुल्लू में बारिश के बाद नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के आसपास नहीं जाने और मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। एहतियात के तौर पर कुछ इलाकों में स्कूल भी बंद किए गए हैं।

चमोली में बादल फटा, 17 टन का पुल बहा

उत्तराखंड के चमोली की नीती घाटी में सोमवार शाम बादल फटने के बाद तमक नाला उफान पर आ गया। तेज बहाव के साथ आए मलबे ने बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) के बनाए वैली ब्रिज को अपनी चपेट में ले लिया।

करीब 35 फीट लंबे इस पुल का निर्माण 17 टन स्टील से किया गया था। यह पुल भारत-चीन सीमा के करीब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित था।

इस जगह पिछले साल 31 अगस्त को भी पुल तेज बहाव में बह गया था। इसके बाद नया स्टील ब्रिज बनाया गया था, लेकिन इस बार बादल फटने के बाद आए मलबे और पानी ने उसे भी नुकसान पहुंचा दिया।

चंपावत में लैंडस्लाइड से हाईवे बंद

उत्तराखंड के चंपावत में भी पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण लोहाघाट-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे बंद हो गया। बाराकोट के बागधारा के पास सोमवार शाम करीब 5 बजे अचानक पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया।

हाईवे बंद होने के बाद दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सड़क खोलने के लिए मलबा हटाने का काम किया जा रहा है।

मुंबई में भारी बारिश, उड़ानों पर असर की आशंका

महाराष्ट्र के वसई-विरार में मंगलवार को लगातार तेज बारिश हुई। नागिनदास पाड़ा रोड पर पानी भरने के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।

मुंबई में भी सुबह से बारिश जारी है। खराब मौसम को देखते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आने-जाने वाली उड़ानों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। स्पाइसजेट ने यात्रियों को एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जांचने की सलाह दी है।

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के संकेत

मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में लो-प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ मानसून ट्रफ भी इसी सिस्टम के आसपास से गुजर रही है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। IMD ने 11 और 12 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में भी एक मौसम प्रणाली सक्रिय है। इसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास एक नया लो-प्रेशर एरिया विकसित होने की संभावना है। इसके आगे बढ़ने पर पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश तेज हो सकती है।

46% जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश

मानसून की मौजूदा स्थिति के बावजूद देश के कई जिलों में बारिश सामान्य स्तर तक नहीं पहुंची है। 10 अगस्त तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देश के 741 जिलों में से 338 यानी करीब 46% जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं 288 जिलों में बारिश सामान्य रही, जबकि 108 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। 7 जिलों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

मौसम प्रणालियों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

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