मेरठ मर्डर केस: कोर्ट में मुस्कान-साहिल का दावा- “हम निर्दोष”; घूमने की बात कबूली, हत्या से किया इनकार

The Red Ink
चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मंगलवार को मेरठ जिला कोर्ट में अहम सुनवाई हुई, जहां आरोपी मुस्कान और साहिल शुक्ला ने पहली बार खुलकर अपना पक्ष रखा। जिला जज अनुपम कुमार ने दोनों से अलग-अलग 32 सवाल पूछे। जवाबों में दोनों ने हत्या के आरोपों को सिरे से खारिज किया, लेकिन शिमला, कसौल और मसूरी घूमने-रुकने की बात स्वीकार की।

कोर्ट में 46 मिनट—दोनों ने कहा “झूठा फंसाया”
धारा-313 की प्रक्रिया के तहत हुई इस सुनवाई में पहले साहिल और फिर मुस्कान को कटघरे में बुलाया गया। करीब 46 मिनट चली कार्यवाही में दोनों ने 29 सवालों के जवाब में साफ कहा कि उन्हें सौरभ राजपूत की हत्या में फंसाया गया है।

साहिल का दावा—“हत्या वाली रात मैं दिल्ली में था”
साहिल ने कोर्ट में कहा कि जिस रात हत्या हुई, वह मेरठ में नहीं बल्कि दिल्ली में मौजूद था। उसने यह भी कहा कि वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए गवाह पेश करेगा। कोर्ट ने इस पर अगली तारीख 28 अप्रैल तय की है, जब बचाव पक्ष सबूत और गवाह पेश करेगा।

घूमने की बात मानी, बाकी आरोपों से इनकार
होटल मालिकों के बयान पर दोनों ने स्वीकार किया कि वे शिमला, कसौल और मसूरी में साथ रुके थे। लेकिन घर आने-जाने, हथियार या अन्य सामान खरीदने और साजिश से जुड़े सभी आरोपों को दोनों ने “गलत और निराधार” बताया।

मुस्कान बोली—“प्रॉपर्टी विवाद में फंसाया”
मुस्कान ने कोर्ट में कहा कि उस पर चल रहा मुकदमा संपत्ति विवाद का नतीजा है। उसने भी हत्या के आरोपों से साफ इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया।

कोर्ट में आमना-सामना, लेकिन कोई बातचीत नहीं
करीब 13 महीने बाद दोनों एक साथ कोर्ट में पेश हुए। 18 मार्च 2025 के बाद यह पहली बार था जब वे आमने-सामने आए। पेशी से पहले पुलिस वैन में बैठे वक्त साहिल ने पहली बार मुस्कान की बेटी राधा को देखा। हालांकि कोर्ट के भीतर दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई।

क्या है पूरा मामला?
मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में 3 मार्च 2025 को मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर हत्या की और शव को टुकड़ों में काटकर ड्रम में सीमेंट-बालू भरकर छिपा दिया। 17 मार्च को मामले का खुलासा हुआ और 18 मार्च को दोनों को जेल भेज दिया गया।

प्रॉसिक्यूशन के 22 गवाह पूरे, अब अंतिम चरण की ओर केस
अब तक 22 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और अभियोजन पक्ष के साक्ष्य बंद हो गए हैं। धारा-313 की प्रक्रिया के बाद जल्द ही अंतिम बहस होगी, जिसके बाद अदालत फैसला सुनाएगी।

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