नई दिल्ली। Mann Ki Baat के 137वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त के आखिरी रविवार को देशवासियों से कई महत्वपूर्ण विषयों पर बात की। पीएम मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा- विकसित भारत’ अभियान, पीएम स्वनिधि योजना में महिला लाभार्थियों, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, स्वच्छता, अंतरिक्ष में बेटियों की भागीदारी और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान उन्होंने इतिहास को रोचक तरीके से समझने वाली एक वेबसाइट और कई प्रेरणादायक उदाहरणों का भी जिक्र किया।
Mann Ki Baat में नशा मुक्त युवाओं का संकल्प
Mann Ki Baat में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा- विकसित भारत’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान पूरे देश में जोर पकड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य स्पष्ट है—नशा मुक्त युवा और नशा मुक्त भारत।
पीएम मोदी ने युवाओं से जुड़े इस अभियान को उनके स्वास्थ्य, खुशी और बेहतर भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग, खासकर युवा, इस पहल से जुड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान इतिहास को समझने के लिए मुंबई के कृष्णा शेषाद्रि के प्रयास का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक वेबसाइट के माध्यम से किसी भी साल का चुनाव करके यह जाना जा सकता है कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किसका शासन था।
पीएम मोदी के मुताबिक, इस तरह की पहल इतिहास के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होने के साथ-साथ इतिहास को दिलचस्प तरीके से समझने में भी मदद कर सकती है।
पीएम स्वनिधि में 46 फीसदी महिला लाभार्थी
प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के जरिए छोटे कारोबार करने वाली महिलाओं के सशक्तिकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 फीसदी महिलाएं हैं। उनके मुताबिक देशभर में करीब 35 लाख महिलाएं इस पहल के जरिए अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।
पीएम मोदी ने गाजियाबाद की बबीता शर्मा का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि बबीता पूजा-पाठ से जुड़ी चीजों का छोटा स्टॉल लगाती थीं और पीएम स्वनिधि योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उनके कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद की।
उन्होंने बेंगलुरु की टी.एस. निंगम्मा का भी जिक्र किया। निंगम्मा ने अपने पति के साथ इडली और डोसा का छोटा कारोबार शुरू किया था। कारोबार को बढ़ाने के लिए पूंजी की जरूरत थी और उन्हें पीएम स्वनिधि योजना से सहायता मिली।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसी महिला का कारोबार आगे बढ़ता है तो उसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। इससे बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों और महिला के आत्मविश्वास में भी सुधार आता है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस और ‘हर घर तिरंगा’ का जिक्र
Mann Ki Baat के दौरान प्रधानमंत्री ने अगस्त महीने से जुड़े कई महत्वपूर्ण अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को याद किया।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस जैसे अवसरों को भी देशवासियों में गर्व की भावना जगाने वाला बताया। पीएम मोदी ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान इस भावना को और मजबूत करता है।
उन्होंने ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘सूर्यपथ तिरंगा’ के जरिए 8 करोड़ से अधिक तिरंगा सेल्फी अपलोड की गई हैं।
अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता का उदाहरण
पीएम मोदी ने स्वच्छता को लेकर अमरनाथ यात्रा का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि जब स्वच्छता प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी बन जाती है तो उसका असर केवल आसपास की सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे क्षेत्र की पहचान और स्वरूप बदल जाता है।
उन्होंने बताया कि इस साल अमरनाथ यात्रा के दौरान हजारों सफाई कर्मियों ने कठिन परिस्थितियों में दिन-रात सेवा की। इस दौरान 400 मीट्रिक टन से अधिक कचरा इकट्ठा कर उसका निपटारा किया गया।
प्रधानमंत्री के अनुसार, यात्रियों ने भी स्वच्छता अभियान में भाग लिया। इस दौरान 16 हजार से अधिक लोगों ने स्वच्छता की शपथ ली और 10 हजार से ज्यादा लोगों को ‘जिम्मेदार यात्री’ का प्रमाणपत्र मिला।
बेटियों की अंतरिक्ष उड़ान का भी जिक्र
प्रधानमंत्री ने युवा महिलाओं की अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी को भी रेखांकित किया। उन्होंने ‘मिशन शक्तिसैट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल दुनिया भर की महत्वाकांक्षी लड़कियों को एक मंच पर लाने का काम कर रही है।
पीएम मोदी ने बताया कि इस पहल के जरिए 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी सीखने और अंतरिक्ष इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने इसे भारत की युवा महिलाओं के सपनों की उड़ान से जोड़ते हुए देश के लिए गर्व का विषय बताया।
त्योहारों के बीच ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर
Mann Ki Baat में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले त्योहारों का जिक्र करते हुए स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का त्योहार 4 सितंबर को मनाया जाएगा और इसी महीने विश्वकर्मा पूजा भी होगी।
पीएम मोदी ने लोगों से स्थानीय कारीगरों और विश्वकर्मा समुदाय से जुड़े लोगों के काम को सम्मान देने की अपील की।
उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को दोहराते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना केवल मिट्टी के दीये खरीदने तक सीमित नहीं है। घर के लिए सामान खरीदते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह भारत में बना हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर देश बनने का रास्ता भारतीय उत्पादों पर गर्व करने से निकलता है और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
Mann Ki Baat का संदेश: युवा, महिला शक्ति और आत्मनिर्भरता पर जोर
इस बार Mann Ki Baat में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को नशे से दूर रखने, महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने, बेटियों को अंतरिक्ष और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने तथा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों पर जोर दिया।
कार्यक्रम में दिए गए संदेशों में युवाओं की भागीदारी, महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में नागरिकों की भूमिका को खास महत्व दिया गया।




