The Red Ink
उत्तर प्रदेश में अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी लखनऊ में सोमवार को दोपहर 12:30 बजे तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे जनजीवन प्रभावित नजर आया। सुबह से तेज धूप और हल्की पछुआ हवाओं ने गर्मी को और बढ़ा दिया, सड़कों पर निकलने वाले लोग छाता और गमछे का सहारा लेते दिखाई दिए।
तापमान सामान्य से ऊपर, लगातार बढ़ रही गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 41°C और न्यूनतम 25°C रहने का अनुमान है। इससे पहले रविवार को अधिकतम तापमान 41.9°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक था, जबकि न्यूनतम तापमान 24.4°C रहा, जो सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा है।
पछुआ हवाओं और एंटी-साइक्लोन का असर
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, निचले क्षोभ मंडल में सक्रिय पछुआ हवाओं और आंतरिक महाराष्ट्र के आसपास बने प्रतिचक्रवात के प्रभाव से प्रदेशभर में तापमान 40°C के पार पहुंच चुका है। आने वाले 4-5 दिनों में कई जिलों में लू चलने की संभावना है, जबकि रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ‘वार्म नाइट’ की स्थिति बन सकती है।
कई जिलों में हीटवेव अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में लू को लेकर चेतावनी जारी की है। फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र में हीटवेव चलने की संभावना जताई गई है। वहीं सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर में रातें भी गर्म रह सकती हैं।
CM योगी की अपील, स्कूल टाइमिंग में बदलाव
बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘X’ पर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें और सूती या खादी के ढीले कपड़े पहनें। इस बीच वाराणसी और प्रयागराज में 8वीं तक के स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है। प्रदेश के 27 जिलों में तापमान 40°C या उससे अधिक दर्ज किया जा चुका है।
इंसानों के साथ जानवर भी बेहाल
गर्मी का असर अब जानवरों पर भी साफ दिखने लगा है। कानपुर चिड़ियाघर में बाघों के लिए कूलर लगाए गए हैं, जबकि भालू कीचड़ में लोटकर खुद को ठंडा रखने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले 24 घंटों में प्रयागराज सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.6°C दर्ज किया गया।
अगले दिनों में और बढ़ेगा तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में तापमान में 2-3 डिग्री तक की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे कई जिलों में पारा 45°C के पार पहुंच सकता है। अप्रैल के बाकी दिनों में गर्मी से राहत के कोई संकेत नहीं हैं। 21 से 25 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस बनी रहेगी, जबकि कुछ जगहों पर लू का असर और तेज हो सकता है।
बांदा जैसे इलाके क्यों रहते हैं सबसे गर्म?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, बांदा की भौगोलिक स्थिति कर्क रेखा के करीब है, जिससे यहां सूर्य की किरणें सीधे पड़ती हैं और तापमान तेजी से बढ़ता है। साथ ही, राजस्थान से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं बिना किसी रुकावट के इन इलाकों तक पहुंचती हैं।
वाराणसी में टूटा 14 साल पुराना रिकॉर्ड
वाराणसी में इस बार अप्रैल के पहले पखवाड़े में ही तापमान 42.8°C तक पहुंच गया, जो पिछले 14 वर्षों में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2012 में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज किया गया था।
मॉनसून पर भी खतरे के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बन रही है, जिससे जून से सितंबर के बीच सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है।




