लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में जांच पर उठे नए सवाल…
Lucknow Triple Murder Case में नया मोड़ तब आया जब आईसीआईसीआई बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या मिश्रा की बहन और यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा ने पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबी पोस्ट लिखकर पूछा कि आखिर एसबीआई कर्मचारी मानस बाजपेयी तीन हथियार कहां से लाया और उसे इस जघन्य अपराध के लिए किसने तैयार किया।
प्रज्ञा मिश्रा ने कहा कि अगर एक बैंक कर्मचारी की पहुंच अवैध हथियारों तक हो सकती है, तो यह कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। उन्होंने मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग भी उठाई।
Lucknow Triple Murder Case में हथियारों के स्रोत पर सवाल
प्रज्ञा मिश्रा ने कहा कि परिवार के मुताबिक मानस बाजपेयी बेहद शांत स्वभाव का व्यक्ति था और उसके घर में पहले कभी कोई हथियार नहीं था। ऐसे में उसके पास दो 9 एमएम पिस्टल और एक देसी तमंचा कैसे पहुंचे, इसकी गहन जांच होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी व्यक्ति ने मानस को लगातार भड़काया या उसके मानसिक हालात का फायदा उठाया। प्रज्ञा ने यह भी पूछा कि आखिर वह कौन व्यक्ति था जिसने उसे हथियार उपलब्ध कराए और अपराध की दिशा में धकेला।
दिव्या की हत्या के बाद 35-45 मिनट कहां था मानस?
Lucknow Triple Murder Case में प्रज्ञा मिश्रा ने सबसे बड़ा सवाल हत्या के बाद की गतिविधियों को लेकर उठाया। उनके मुताबिक आईसीआईसीआई बैंक और मानस के घर के बीच सामान्य दूरी 10 से 15 मिनट की थी, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दिव्या की हत्या और घर पहुंचने के बीच लगभग 35 से 45 मिनट का अंतर है।
उन्होंने पूछा कि इस दौरान मानस कहां गया, किससे मिला और क्या वह किसी तीसरे व्यक्ति के संपर्क में था। उन्होंने पुलिस से इन सभी पहलुओं की तकनीकी जांच करने की मांग की।
व्हाट्सऐप स्टेटस और ‘चीट’ शब्द पर भी सवाल
प्रज्ञा मिश्रा ने मानस के आखिरी व्हाट्सऐप स्टेटस पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मानस आमतौर पर हिंग्लिश में लिखता था, जबकि कथित सुसाइड नोट जैसा स्टेटस पूरी तरह अंग्रेजी में था।
उन्होंने पूछा कि क्या वह स्टेटस वास्तव में मानस ने ही डाला था या किसी अन्य डिवाइस से उसे अपडेट किया गया। इसके साथ ही उन्होंने स्टेटस में इस्तेमाल किए गए ‘Cheat’ शब्द को भी जांच का विषय बताया और कहा कि कहीं यह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश तो नहीं थी।
दोस्त का दावा- वकील ने उपलब्ध कराए थे हथियार
जांच के दौरान मानस के एक दोस्त ने पुलिस को बताया कि सीतापुर के एक वकील ने कथित तौर पर उसे हथियार उपलब्ध कराए थे। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से दो 9 एमएम पिस्टल और एक तमंचा बरामद हुआ था। सभी हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और उनके स्रोत का पता लगाने की कोशिश जारी है।
लॉक आईफोन में छिपे हो सकते हैं अहम सुराग
पुलिस ने मानस बाजपेयी का आईफोन बरामद कर लिया है, लेकिन फोन लॉक होने की वजह से अब तक उसका डेटा एक्सेस नहीं किया जा सका है।
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के अनुसार फोन का लॉक जबरन तोड़ने पर डेटा डिलीट होने का खतरा है। इसलिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से फोन को सुरक्षित तरीके से खोलने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
20 अगस्त को एसबीआई के फील्ड ऑफिसर मानस बाजपेयी ने गोमतीनगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक के बाहर अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा को गोली मार दी थी।
इसके बाद वह अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी मानसिक रूप से बीमार बहन शीबा बाजपेयी की भी हत्या कर दी और फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
घटना के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी। पुलिस, फोरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी। अब दिव्या मिश्रा की बहन द्वारा उठाए गए सवालों के बाद Lucknow Triple Murder Case की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है।




