The Red Ink
लखनऊ में Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम उस समय चर्चा में आ गया, जब यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर तीखे सवालों ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम में संघ के अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख Narendra Thakur मौजूद थे।
UGC मुद्दे पर सवाल, जवाब में संघ की भूमिका स्पष्ट
मीडिया संवाद के दौरान सवाल उठा कि आरएसएस यूजीसी से जुड़े विवादों पर कोई आंदोलन क्यों नहीं कर रहा। इस पर नरेंद्र ठाकुर ने साफ कहा कि संघ सीधे तौर पर आंदोलन करने वाली संस्था नहीं है और उसका ऐसा इतिहास भी नहीं रहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
राम मंदिर आंदोलन का हवाला देकर उठे तीखे तर्क
ठाकुर के जवाब के बाद कुछ लोगों ने पलटकर सवाल किया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान भी मामला कोर्ट में था, फिर भी संघ से जुड़े संगठनों की सक्रियता बनी रही। इस पर कार्यक्रम में बहस का माहौल बन गया और आवाजें तेज हो गईं।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर भी सवाल
संवाद के दौरान कुछ प्रतिभागियों ने बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही घटनाओं पर भी संघ की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। लगातार हो रहे सवालों से कार्यक्रम का माहौल और ज्यादा गर्म हो गया।
तनाव के बीच कार्यक्रम समय से पहले समाप्त
लगातार तीखे सवालों और बहस के बीच माहौल असहज हो गया। नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि उन्होंने देश के कई हिस्सों में संवाद कार्यक्रम किए हैं, लेकिन ऐसा अनुभव पहली बार हुआ है। अंततः कार्यक्रम को बीच में ही समाप्त करना पड़ा।
संघ की विचारधारा और कार्यशैली पर भी हुई चर्चा
इससे पहले अपने संबोधन में नरेंद्र ठाकुर ने संघ की कार्यपद्धति और विचारधारा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य समाज को एकजुट करना है और समय के साथ इसकी कार्यशैली में बदलाव आता रहा है।
मीडिया-समाज संवाद पर जोर
कार्यक्रम में प्रांत प्रचार प्रमुख Ashok Dubey ने भी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि मीडिया और समाज के बीच बेहतर संवाद से सकारात्मक बदलाव संभव है और ऐसे कार्यक्रम इसी दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं।



