The Red Ink
राजधानी लखनऊ के ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाओं के बीच छात्रों से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। बैग जमा कराने के नाम पर पैसे लिए जाने से नाराज छात्रों ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बैग जमा कराने के नाम पर वसूली का आरोप
छात्रों के मुताबिक, परीक्षा देने पहुंचे सभी स्टूडेंट्स को बैग बाहर जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए परिसर में एक अलग काउंटर बनाया गया, जहां प्रत्येक छात्र से 20 रुपये नकद लिए जा रहे थे। छात्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई थी, जिससे उन्हें मजबूरन पैसे देने पड़े।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
विरोध कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि यह पूरी व्यवस्था बिना किसी आधिकारिक नियम के लागू की गई है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के कुछ सदस्यों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। छात्रों का दावा है कि गार्ड्स को बैग जमा कराने और पैसे वसूलने की जिम्मेदारी दी गई थी, जो सीधे तौर पर नियमों के खिलाफ है।
“80 हजार फीस के बाद भी वसूली क्यों?”
वायरल वीडियो में छात्रों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जब विश्वविद्यालय पहले ही हजारों रुपये की फीस लेता है, तो बैग रखने जैसी बेसिक सुविधा के लिए अतिरिक्त शुल्क लेना गलत है। छात्रों ने इस व्यवस्था को “खुली वसूली” बताते हुए इसे तुरंत बंद करने की मांग की है।
वीडियो वायरल, बढ़ा विवाद
घटना से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।




