Kangana Ranaut Baba Ramdev विवाद में आया नया मोड़…
Kangana Ranaut Baba Ramdev विवाद अब रक्षाबंधन के मौके पर खत्म होता नजर आ रहा है। कुछ दिन पहले दोनों के बीच बयानों को लेकर तीखी नोकझोंक हुई थी, लेकिन शुक्रवार को बाबा रामदेव ने कंगना रनौत को मिठाई और उपहार भेजकर पुराने मतभेद पीछे छोड़ने का संदेश दिया। कंगना ने भी इस पहल का सकारात्मक जवाब दिया और बाबा रामदेव को अपना ‘बड़े भाई’ बताते हुए उनका स्नेह और मिठाई स्वीकार करने की बात कही।
कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर रामदेव के संदेश का जवाब देते हुए कहा कि त्योहार पुराने गिले-शिकवे भुलाने का मौका होते हैं। उन्होंने रामदेव की इस बात की भी सराहना की कि विवाद को टकराव के बजाय बातचीत से खत्म किया जाना चाहिए।
इस घटनाक्रम के बाद दोनों के बीच पिछले दिनों शुरू हुई सार्वजनिक बयानबाजी पर फिलहाल विराम लगता दिखाई दे रहा है।
रक्षाबंधन पर कंगना ने स्वीकार किया बाबा रामदेव का स्नेह
बाबा रामदेव की ओर से भेजी गई मिठाई और उपहार पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ने का अवसर है।
कंगना ने अपने संदेश में कहा कि बाबा रामदेव ने सही बात कही है कि विवाद के बजाय संवाद होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि रक्षाबंधन के दिन वह उनकी मिठाई और ‘बड़े भाई का प्रेम’ दोनों स्वीकार करती हैं।
कंगना ने बाबा रामदेव को धन्यवाद देते हुए उनके लंबे जीवन की कामना भी की।
यह प्रतिक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे कुछ दिन पहले दोनों के बीच सोशल मीडिया और मीडिया बातचीत के जरिए काफी तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी।
बाबा रामदेव ने क्या भेजा और क्या कहा?
रक्षाबंधन के मौके पर बाबा रामदेव ने कंगना को संबोधित करते हुए एक वीडियो संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि वह कंगना को मिठाई और उपहार भेज रहे हैं।
रामदेव ने देश में किसी भी तरह की नफरत और आपसी वैरभाव नहीं होने की बात कही। उन्होंने पुराने विवाद को पीछे छोड़ने और बातचीत के जरिए मतभेद दूर करने पर जोर दिया।
रामदेव ने यह भी कहा कि वह कंगना को फोन करके रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देंगे। उनके संदेश का मूल भाव यही था कि व्यक्तिगत मतभेदों को त्योहार के मौके पर पीछे छोड़कर रिश्तों में सकारात्मकता लाई जाए।
विवाद की शुरुआत कहां से हुई थी?
कंगना और बाबा रामदेव के बीच विवाद की शुरुआत कंगना की Gen-Z और युवा प्रदर्शनकारियों को लेकर की गई टिप्पणियों से हुई थी।
कंगना ने कुछ युवा प्रदर्शनकारियों पर टिप्पणी करते हुए ‘Generation Gutter’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। उनके इस बयान पर बाबा रामदेव ने आपत्ति जताई और युवा पीढ़ी को लेकर इस तरह की टिप्पणी करने पर सवाल उठाए।
रामदेव ने कंगना के बयान को उनके सोचने के तरीके से जोड़ते हुए आलोचना की थी। इसके बाद मामला सिर्फ Gen-Z को लेकर बहस तक सीमित नहीं रहा और दोनों के बीच व्यक्तिगत टिप्पणियों का दौर शुरू हो गया।
कंगना ने बाबा रामदेव को दिया था तीखा जवाब
बाबा रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना ने भी सोशल मीडिया और इंटरव्यू के दौरान उन्हें जवाब दिया था। कंगना ने रामदेव की ओर से उनके निजी जीवन और व्यक्तित्व को लेकर की गई टिप्पणियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने एक बयान में रामदेव से कहा था कि वह उनकी जवानी या बेडरूम को लेकर अटकलें न लगाएं।
कंगना ने इसी दौरान रामदेव और पतंजलि से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मामले का भी जिक्र किया था। उनका कहना था कि उन्हें अपने बारे में ऐसी टिप्पणियां स्वीकार नहीं हैं। इस जवाब के बाद विवाद और ज्यादा चर्चा में आ गया था और सोशल मीडिया पर दोनों के बयानों को लेकर प्रतिक्रियाएं आने लगी थीं।
रामदेव ने बाद में अपनाया था संयमित रुख
कंगना की तीखी प्रतिक्रिया के बाद बाबा रामदेव ने भी उनके बारे में आगे व्यक्तिगत टिप्पणी करने से परहेज किया था।
उन्होंने कहा था कि देश के लोग उन्हें और उनके योगदान को जानते हैं और वह कंगना जैसे व्यक्ति के बारे में ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते।
इससे संकेत मिला था कि विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय दोनों पक्ष धीरे-धीरे पीछे हटने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि उस समय दोनों के बीच सार्वजनिक रूप से सुलह की कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई थी।
रक्षाबंधन ने बदल दिया माहौल
अब रक्षाबंधन के मौके पर बाबा रामदेव की पहल और कंगना की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने पूरे मामले का माहौल बदल दिया है।
रामदेव ने जहां कंगना को बहन बताते हुए मिठाई और उपहार भेजा, वहीं कंगना ने उन्हें बड़े भाई के रूप में स्वीकार करने की बात कही।
त्योहार के मौके पर दोनों की ओर से आए इन संदेशों को पिछले विवाद के बाद रिश्ते सामान्य करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि दोनों के बीच आगे व्यक्तिगत मुलाकात या बातचीत किस तरह होती है, यह अभी सामने आना बाकी है।
‘विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए’ पर बनी सहमति
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम संदेश दोनों की तरफ से सामने आया है—विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय संवाद के जरिए मतभेद दूर करना।
बाबा रामदेव ने अपने रक्षाबंधन संदेश में इसी बात पर जोर दिया था। कंगना ने भी उनके इस विचार का समर्थन किया और कहा कि त्योहार के दिन पुरानी गलतियों को भूल जाना चाहिए।
इस तरह कुछ दिन पहले एक-दूसरे पर तीखी टिप्पणियां करने वाले दोनों सार्वजनिक चेहरे अब कम से कम इस मुद्दे पर सकारात्मक संदेश देते नजर आ रहे हैं।
Kangana Ranaut Baba Ramdev विवाद पर लगा विराम?
Kangana Ranaut Baba Ramdev विवाद में रक्षाबंधन के दिन आया यह बदलाव निश्चित तौर पर दिलचस्प है। कुछ दिन पहले जहां दोनों के बीच बयानबाजी ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं, वहीं अब बाबा रामदेव की ओर से मिठाई और उपहार भेजे जाने के बाद कंगना ने भी उनका स्नेह स्वीकार कर लिया है।
कंगना ने बाबा रामदेव को ‘बड़े भाई’ बताते हुए धन्यवाद दिया और उनके लंबे जीवन की कामना की। वहीं रामदेव ने भी विवाद और वैरभाव को छोड़कर संवाद के जरिए आगे बढ़ने की बात कही।
फिलहाल दोनों के बीच सार्वजनिक विवाद पर विराम लगता दिखाई दे रहा है। रक्षाबंधन के मौके पर आई इस पहल ने कम से कम इतना जरूर साफ कर दिया है कि दोनों पक्ष पुराने विवाद को आगे खींचने के बजाय रिश्तों में सकारात्मकता लाने की कोशिश कर रहे हैं।




