IRGC Commanders: अमेरिका ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पांच वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी देने वालों के लिए 1 करोड़ डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के ‘Rewards for Justice’ कार्यक्रम ने इन अधिकारियों की पहचान और उनके ठिकाने से जुड़ी जानकारी मांगी है। अमेरिकी सरकार का आरोप है कि ये अधिकारी ऐसी IRGC इकाइयों का नेतृत्व करते हैं, जिन पर अमेरिकी कर्मियों को सशस्त्र हमलों से निशाना बनाने और अमेरिकी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के खिलाफ साइबर अभियानों में शामिल होने का आरोप है।
IRGC Commanders पर अमेरिका ने क्यों रखा 10 मिलियन डॉलर का इनाम?
अमेरिका के ‘Rewards for Justice’ कार्यक्रम के मुताबिक, इन अधिकारियों से जुड़ी ऐसी जानकारी मांगी गई है, जिससे उनकी पहचान या लोकेशन का पता लगाया जा सके। जानकारी देने वालों को 10 मिलियन डॉलर तक का इनाम देने की बात कही गई है। कार्यक्रम के तहत योग्य सूचना देने वालों के लिए सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण की संभावना भी बताई गई है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय का आरोप है कि संबंधित अधिकारी IRGC की उन इकाइयों को नियंत्रित करते हैं, जिन पर अमेरिकी कर्मियों के खिलाफ सशस्त्र हमलों और महत्वपूर्ण अमेरिकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले साइबर अभियानों में भूमिका का आरोप है। ये आरोप अमेरिकी सरकार की ओर से लगाए गए हैं।
कौन-कौन से अधिकारी अमेरिका की रडार पर?
अमेरिकी कार्यक्रम की सूची में IRGC के पांच वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें अहमद वाहिदी, अली अब्दुल्लाही, सईद अगाजानी, हामिदरेज़ा लश्गारियन और माजिद खादेमी शामिल हैं।
इनमें हामिदरेज़ा लश्गारियन को IRGC के साइबर-इलेक्ट्रॉनिक कमांड से जोड़ा गया है, जबकि सईद अगाजानी को IRGC एयरोस्पेस फोर्स की ड्रोन यूनिट से संबंधित बताया गया है। माजिद खादेमी को IRGC की इंटेलिजेंस शाखा का कमांडर बताया गया है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ा दबाव
IRGC Commanders के खिलाफ इनाम की घोषणा ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार सुर्खियों में है। वॉशिंगटन पहले भी ईरान के सैन्य, परमाणु, मिसाइल और साइबर नेटवर्क से जुड़े अधिकारियों तथा संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाता रहा है।
अब वरिष्ठ IRGC अधिकारियों की जानकारी के लिए सीधे इनाम की घोषणा अमेरिकी दबाव रणनीति का एक और अहम कदम मानी जा रही है।
IRGC पर अमेरिका के गंभीर आरोप
अमेरिकी ‘Rewards for Justice’ कार्यक्रम का कहना है कि IRGC ईरान की विदेश नीति में आतंकवाद के इस्तेमाल में केंद्रीय भूमिका निभाता है। कार्यक्रम ने आरोप लगाया है कि सूची में शामिल अधिकारी ऐसी गतिविधियों से जुड़े IRGC ढांचे का नेतृत्व करते हैं, जिनसे अमेरिकी कर्मियों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को खतरा पैदा हुआ।
हालांकि, इन आरोपों को खबर में अमेरिकी सरकार के दावे के रूप में देखना जरूरी है। इन अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
1 करोड़ डॉलर का इनाम, लेकिन मकसद सिर्फ गिरफ्तारी नहीं
‘Rewards for Justice’ कार्यक्रम का उद्देश्य आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना है। इस मामले में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सिर्फ गिरफ्तारी की जानकारी नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की पहचान और लोकेशन से जुड़ी जानकारी मांगी है।
अमेरिका की यह घोषणा ईरान के सैन्य नेतृत्व पर दबाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। खास तौर पर IRGC की सैन्य, ड्रोन, साइबर और खुफिया क्षमताओं से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाना इस कार्रवाई की गंभीरता को दिखाता है।
आगे क्या असर पड़ सकता है?
IRGC Commanders के खिलाफ अमेरिकी इनाम की घोषणा से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है। एक तरफ अमेरिका ईरान के सैन्य और सुरक्षा ढांचे पर आर्थिक और कानूनी दबाव बढ़ा रहा है, वहीं ईरान ऐसे अमेरिकी कदमों को अपने खिलाफ कार्रवाई के तौर पर देखता रहा है।
फिलहाल इस घोषणा का सबसे बड़ा संदेश यही है कि अमेरिका ईरान के IRGC नेटवर्क से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जानकारी जुटाने और कार्रवाई की कोशिश को और तेज कर रहा है।




