Iran US Conflict: अमेरिकी सेना उतनी मजबूत नहीं जितना समझते थे, ईरान के शीर्ष सैन्य सलाहकार का बड़ा दावा

Iran US Conflict को लेकर ईरान की ओर से एक बार फिर तीखा बयान सामने आया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) के एक वरिष्ठ सैन्य सलाहकार ने दावा किया है कि हालिया संघर्ष ने ईरान को अमेरिकी सेना की वास्तविक क्षमता समझने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को लेकर जो धारणा पहले थी, वह अब बदल चुकी है और ईरान ने युद्ध के दौरान उसकी सीमाओं को करीब से देखा है।

अमेरिकी सैन्य ताकत पर उठाए सवाल

आईआरजीसी के प्रमुख कमांडर के वरिष्ठ सलाहकार मोहम्मद रज़ा नक़दी ने एक इंटरव्यू में कहा कि पिछले कुछ महीनों के घटनाक्रम ने ईरान को अमेरिकी सैन्य शक्ति का गहराई से आकलन करने का अवसर दिया। उनका कहना था कि हालिया संघर्ष के दौरान ईरान ने अमेरिका की सैन्य क्षमताओं को प्रत्यक्ष रूप से देखा और यह निष्कर्ष निकाला कि अमेरिकी सेना उतनी शक्तिशाली नहीं है, जितना पहले माना जाता था।

नक़दी ने कहा कि बीते पांच महीनों में मिले अनुभवों ने ईरान की रणनीतिक सोच को और मजबूत किया है।

लंबा चला युद्ध तो भी जारी रहेंगे मिसाइल हमले

Iran US Conflict पर बोलते हुए नक़दी ने कहा कि यदि यह संघर्ष कई वर्षों तक भी जारी रहता है, तब भी ईरान अपने विरोधियों के ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता रखता है।

उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास पर्याप्त सैन्य संसाधन, तकनीक और रणनीतिक तैयारी मौजूद है। उनके अनुसार, युद्ध की अवधि बढ़ने से ईरानी सेना का अनुभव और अधिक मजबूत होगा।

नक़दी ने कहा कि ईरान किसी भी लंबे संघर्ष के लिए तैयार है और उसके मिसाइल कार्यक्रम की क्षमता लगातार बनी रहेगी।

ईरान ने जीत का किया दावा

मोहम्मद रज़ा नक़दी ने इंटरव्यू में यह भी दावा किया कि हालिया युद्ध में ईरान ने अपने प्रमुख रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के दो बड़े लक्ष्य थे—ईरान के नेतृत्व को कमजोर करना और देश को आंतरिक रूप से विभाजित करना। लेकिन दोनों ही प्रयास सफल नहीं हो सके।

नक़दी के मुताबिक, इन उद्देश्यों की विफलता ही यह साबित करती है कि ईरान ने संघर्ष में बढ़त हासिल की है।

क्षेत्रीय तनाव के बीच आया बयान

यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। ईरान, अमेरिका और उनके सहयोगियों के बीच बढ़ते तनाव पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्षों की ओर से आ रहे आक्रामक बयान क्षेत्रीय भू-राजनीति को और जटिल बना सकते हैं। हालांकि अभी तक किसी नए सैन्य टकराव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वैश्विक समुदाय की नजर

Iran US Conflict से जुड़े घटनाक्रमों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार नजर बनाए हुए है। कई देशों ने क्षेत्र में शांति और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।

वहीं, ईरान की ओर से आया यह ताजा बयान संकेत देता है कि तेहरान अपने सैन्य और रणनीतिक रुख में किसी नरमी के मूड में नहीं दिख रहा है। आने वाले दिनों में अमेरिका की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।

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