The Red Ink
केंद्र सरकार ने देश में तेल और गैस की कमी की आशंकाओं को खारिज किया है। पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने साफ कहा कि भारत में किसी तरह का ऊर्जा संकट नहीं है। उन्होंने विपक्ष और अफवाह फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि मुश्किल हालात पर ‘जश्न’ मनाने वालों को खुद के रवैये पर विचार करना चाहिए।
‘घबराहट और अफवाहों से नुकसान’
सोशल मीडिया पर दिए बयान में पुरी ने कहा कि कुछ लोग देश के ऊर्जा सेक्टर को लेकर डर और भ्रम फैलाने में लगे हैं। उनका मानना है कि इस तरह की बातें न सिर्फ बेबुनियाद हैं, बल्कि इससे उनकी खुद की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है।
PM की अपील को बताया ‘सावधानी भरा कदम’
पुरी ने स्पष्ट किया कि Narendra Modi की ओर से ईंधन की खपत कम करने की अपील किसी कमी की वजह से नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह कदम सिर्फ आर्थिक संतुलन बनाए रखने और अनावश्यक दबाव से बचने के लिए उठाया गया है।
वैश्विक महंगाई के बीच भारत स्थिर
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं। इसके बावजूद भारत ने पेट्रोल-डीजल के दामों को नियंत्रित रखा है और देशभर में सप्लाई सुचारु बनी हुई है।
हर दिन 1000 करोड़ का नुकसान उठा रहीं कंपनियां
पुरी के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) मौजूदा हालात में रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं। इसके बावजूद देश में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखी गई है और करोड़ों परिवारों तक एलपीजी की आपूर्ति जारी है।
चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश
मंत्री ने कहा कि भारत ने कच्चे तेल के आयात के स्रोतों को बढ़ाया है, ताकि किसी एक देश या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो। उनके अनुसार यह कदम अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है, न कि किसी संकट का।
PM की अपील पर राजनीति तेज
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सोने की खरीद टालने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील की थी। इसके बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए अर्थव्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।




