The Red Ink
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के संयोजक Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो एक परीक्षा को निष्पक्ष तरीके से नहीं करा सकते, वे देश चलाने का दावा कैसे कर सकते हैं।
‘पेपर लीक के पीछे बड़ी मिलीभगत’
केजरीवाल ने कहा कि मेडिकल एंट्रेंस जैसी बड़ी परीक्षा का बार-बार लीक होना साधारण बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे बड़े स्तर पर सांठगांठ और राजनीतिक संरक्षण हो सकता है। उनका कहना था कि पिछले कई सालों में हुए पेपर लीक मामलों में दोषियों को सख्त सजा नहीं मिली, जिससे ऐसे गिरोहों के हौसले बढ़े हैं।
छात्रों की मेहनत का जिक्र
उन्होंने कहा कि NEET जैसी परीक्षा के लिए छात्र और उनके परिवार भारी त्याग करते हैं। कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक दबाव झेलते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
पुराने मामलों पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने 2017, 2021 और 2024 के कथित पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए पूछा कि उन मामलों में आरोपियों को क्या सजा मिली। उन्होंने दावा किया कि कई आरोपी जमानत पर बाहर हैं, जिससे सिस्टम पर सवाल खड़े होते हैं।
छात्रों से आंदोलन की अपील
AAP नेता ने छात्रों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। उनका कहना था कि यह मुद्दा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।
NTA का फैसला और आगे की प्रक्रिया
इससे पहले National Testing Agency (NTA) ने 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया था। एजेंसी के मुताबिक, यह फैसला केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद लिया गया है। परीक्षा अब दोबारा कराई जाएगी और नई तारीख जल्द घोषित होगी।
CBI करेगी जांच
सरकार ने इस पूरे मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी है। NTA ने कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगी और सभी जरूरी दस्तावेज एजेंसी को उपलब्ध कराएगी।




