Gorakhpur Crime News: गोरखपुर में 10 साल की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। गुरुवार शाम बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया और इसके करीब तीन घंटे बाद उसकी मां ने एक बेटे को जन्म दिया। परिवार के लिए यह पल खुशी और गहरे शोक के बीच टूटते-बिखरते भावनाओं का बन गया।
परिजनों के अनुसार, मासूम अक्सर कहती थी कि इस बार रक्षा बंधन पर उसका एक भाई होगा और वह उसे राखी बांधेगी। लेकिन भाई के जन्म से पहले ही वह इस दुनिया से चली गई। नवजात को देखकर मां और बहनों की आंखों से आंसू नहीं रुके।
‘इस बार भाई को राखी बांधूंगी’, अधूरा रह गया मासूम का सपना
बच्ची की बड़ी बहन ने बताया कि वह मां से अक्सर आने वाले भाई को लेकर बातें करती थी। वह कहती थी कि रक्षा बंधन पर भाई को राखी बांधकर अपनी इच्छा पूरी करेगी।
परिवार के मुताबिक, बच्ची पढ़-लिखकर डॉक्टर बनने का सपना देखती थी। वह अपनी मां का इलाज खुद करने की बात भी कहती थी। लेकिन एक कथित आपराधिक वारदात ने परिवार की उम्मीदों और मासूम के सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
अस्पताल से लापता हुई बच्ची, CCTV से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस के मुताबिक, बच्ची 28 जुलाई की रात अपनी बड़ी बहन के लिए खाना लेकर गोरखपुर के जिला अस्पताल गई थी। उसकी 13 वर्षीय बहन की तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आरोप है कि अस्पताल में मौजूद सिपाही अभिषेक यादव ने बच्ची को अकेला देखकर उसका पीछा किया। रात करीब 10 बजे अस्पताल से निकलने के बाद बच्ची कथित तौर पर उसके साथ बाइक पर जाती दिखाई दी।
बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान पुलिस ने करीब 200 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में बच्ची को बाइक से ले जाते हुए एक सिपाही के दिखाई देने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची।
श्मशान घाट ले जाने और हत्या का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी बच्ची को जिला अस्पताल से करीब 15 किलोमीटर दूर एक श्मशान घाट की ओर ले गया। आरोप है कि वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसके साथ गंभीर हिंसा की गई।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया गया। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि बच्ची के हाथ पीछे की ओर बांधकर उसे नदी में फेंका गया था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने की बात कही गई है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
पिता ने दी मुखाग्नि, बहनें शव देखकर टूट गईं
पोस्टमॉर्टम के बाद बच्ची का शव सीधे गोरखपुर के राजघाट श्मशान पहुंचाया गया। परिवार की चारों बेटियां वहां पहुंचीं। बहनों ने जब अपनी छोटी बहन का शव देखा तो वे बदहवास हो गईं। एक बहन के बेहोश होने की भी जानकारी सामने आई।
गमगीन माहौल में पिता ने अपनी बेटी को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के कुछ घंटे बाद ही मां ने बेटे को जन्म दिया। जिस भाई के आने का इंतजार बच्ची कर रही थी, उसके जन्म के समय वह परिवार के बीच नहीं थी।
आरोपी सिपाही की पत्नी बोलीं- ‘उसने मेरा सिर शर्म से झुका दिया’
आरोपी सिपाही की पत्नी ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि जिस कृत्य का आरोप उनके पति पर है, वह माफी के योग्य नहीं है।
पत्नी के अनुसार, उनकी भी एक बेटी है और घटना की जानकारी मिलने के बाद वह स्तब्ध रह गईं। उन्होंने कहा कि वह अब आरोपी के साथ नहीं रहना चाहतीं। परिवार के मुताबिक, वह पहले से ही बच्चों के साथ मायके में रह रही थीं।
परिवार ने मांगी 50 लाख की सहायता और नौकरी
पीड़ित बच्ची के परिवार ने सरकार से 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि घटना ने उनकी पूरी दुनिया उजाड़ दी है। वे आरोपी के खिलाफ जल्द और सख्त कानूनी कार्रवाई चाहते हैं।
आरोपी सिपाही बर्खास्त, POCSO समेत कई धाराओं में केस
गोरखपुर के SSP डॉ. कौस्तुभ के अनुसार, आरोपी सिपाही को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उसके खिलाफ POCSO एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
आरोपी सिपाही वर्ष 2018 बैच का बताया गया है और उसकी तैनाती डायल-112 में थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर पहले भी छेड़छाड़ से जुड़ा मामला दर्ज हो चुका था, जिसमें उसे निलंबित किए जाने और जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
सवालों के घेरे में पुलिस व्यवस्था
इस मामले ने पुलिस व्यवस्था और विभागीय निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी पर पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज होने के बावजूद उसकी तैनाती और निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अब जांच का अहम पहलू यह भी है कि आरोपी के खिलाफ पहले हुई कार्रवाई के बाद विभाग की ओर से क्या कदम उठाए गए थे और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।




