पूर्व सपा विधायक हाजी रिजवान समेत 4 पर धोखाधड़ी का केस, ₹1.27 करोड़ हड़पने और फर्जी रसीद देने का आरोप

The Red Ink
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक हाजी रिजवान कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। उनके बेटे, बहू और सपा नेता यूसुफ मलिक समेत चार लोगों के खिलाफ करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन का सौदा करने के बाद आरोपियों ने न तो रजिस्ट्री कराई और न ही रकम लौटाई। इतना ही नहीं, लैंड यूज बदलवाने के नाम पर फर्जी सरकारी रसीद थमाकर भी लाखों रुपये की ठगी की गई।

पूर्व विधायक समेत चार पर दर्ज हुआ मुकदमा
कुंदरकी थाने में दर्ज एफआईआर में पूर्व सपा विधायक हाजी रिजवान, उनके बेटे हाजी जुबैर, बहू शमा परवीन और सपा नेता यूसुफ मलिक को नामजद किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्कूल की जमीन बेचने का सौदा, लेकिन नहीं कराया बैनामा
शिकायतकर्ता अब्दुल मुस्तफा का आरोप है कि आरोपियों ने स्कूल की जमीन और अन्य कृषि भूमि बेचने का सौदा किया। करोड़ों रुपये की डील के तहत उन्होंने बड़ी रकम एडवांस के रूप में दी, लेकिन तय समय पर जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। बाद में पता चला कि उसी जमीन को किसी अन्य व्यक्ति के नाम बेच दिया गया।

लैंड यूज बदलने के नाम पर फर्जी दस्तावेज
पीड़ित के मुताबिक, जमीन का लैंड यूज बदलवाने के लिए उनसे 10 लाख रुपये अतिरिक्त लिए गए। बदले में उत्तर प्रदेश शासन के नाम से एक कथित सरकारी रसीद दी गई, जो बाद में जांच में फर्जी निकली। आरोप है कि बाकी रकम के बारे में पूछने पर कहा गया कि वह “रिश्वत” में खर्च हो गई।

₹1.27 करोड़ हड़पने का आरोप
अब्दुल मुस्तफा का दावा है कि उन्होंने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और नकद भुगतान के जरिए कुल 1 करोड़ 27 लाख 86 हजार रुपये आरोपियों को दिए। इसके बावजूद न तो जमीन की रजिस्ट्री हुई और न ही लैंड यूज परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की गई। कई बार पैसे वापस मांगने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला।

यूसुफ मलिक पर भी अलग जमीन सौदे में आरोप
एफआईआर में शामिल सपा नेता यूसुफ मलिक पर भी अलग जमीन सौदे में धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, साढ़े तीन बीघा जमीन खरीदने के लिए उनसे लाखों रुपये लिए गए, लेकिन आज तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई।

एसएसपी के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर
पीड़ित का आरोप है कि पहले स्थानीय स्तर पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर कुंदरकी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

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