The Red Ink
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार के अंतिम दिन कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आया। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी Ajay Pal Sharma, जो इस समय चुनावी ऑब्जर्वर के तौर पर बंगाल में तैनात हैं, के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई की गई। फलता विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रत्याशी जहांगीर खान से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई।
संयुक्त टीम का बड़ा ऑपरेशन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई में स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST), फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (FST) और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की भारी फोर्स शामिल रही। टीम ने कई स्थानों पर एक साथ दबिश देकर संदिग्ध गतिविधियों और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े पहलुओं की जांच की।
चुनाव से पहले सख्ती का संकेत
प्रचार के आखिरी दिन हुई इस कार्रवाई को चुनाव आयोग की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का फोकस अवैध कैश, शराब, हथियार या अन्य किसी भी तरह के चुनावी प्रभाव को रोकने पर है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर जब्ती या बरामदगी को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
जहांगीर खान पर पहले भी लगे आरोप
जहांगीर खान का नाम पहले भी विवादों में रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में उसे एक प्रभावशाली स्थानीय चेहरा बताया जाता रहा है, जिस पर अतीत में राजनीतिक हिंसा से जुड़े आरोप लगते रहे हैं। भाजपा नेताओं ने पहले भी उस पर गंभीर आरोप लगाए थे, हालांकि इन मामलों की कानूनी स्थिति अलग-अलग स्तर पर जांच और प्रक्रिया में रही है।
केंद्रीय बल और स्थानीय पुलिस अलर्ट पर
चुनाव के मद्देनज़र इलाके में केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मतदान से पहले किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना प्राथमिकता है।
सख्त छवि वाले अधिकारी माने जाते हैं शर्मा
Ajay Pal Sharma को सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए जाना जाता है। चुनावी ड्यूटी के दौरान उनकी प्राथमिकता निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है। यही वजह है कि उनके नेतृत्व में चल रही कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।




