The Red Ink
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल के बाजार में फिर उथल-पुथल देखने को मिली है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के एक बयान के बाद सोमवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
ट्रंप के दावे के बाद बाजार में तेजी
डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान के झंडे वाले एक कार्गो जहाज़ को रोककर अपने कब्जे में ले लिया है। इस बयान के सामने आते ही बाजार की प्रतिक्रिया तेज रही और कच्चे तेल की कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत करीब 4.74% बढ़कर 94.66 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत है।
होर्मुज़ स्ट्रेट पर ईरान की चेतावनी से बढ़ा तनाव
इससे पहले शनिवार को ईरान ने ऐलान किया था कि वह Strait of Hormuz को जहाजों के लिए बंद कर रहा है। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि इस मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज़ को निशाना बनाया जा सकता है। यह बयान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम जलमार्ग को लेकर चिंता बढ़ाने वाला रहा क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
युद्ध के बाद से बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव
28 फरवरी को अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भारी अस्थिरता बनी हुई है। तेल की कीमतें लगातार ऊपर-नीचे हो रही हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
बातचीत की कोशिशें भी जारी, लेकिन अनिश्चितता बरकरार
तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि उनके प्रतिनिधि सोमवार को पाकिस्तान में ईरान से बातचीत करने के लिए जाएंगे।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance करेंगे। हालांकि, इस पहल को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ईरान का बातचीत में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।




