The Red Ink
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयागराज दौरा इस बार सिर्फ सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। उनके मंच पर भाजपा के पूर्व विधायक उदयभान करविरया की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में कई मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद थे, लेकिन पूर्व विधायकों में सिर्फ उदयभान करविरया का मंच पर नजर आना चर्चा का बड़ा कारण बन गया।
गंगा दशहरा कार्यक्रम में पहुंचे थे CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में गंगा दशहरा और नगर निगम से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे थे। प्रशासन ने उनके दौरे को लेकर सुरक्षा और राजनीतिक तैयारियां पहले से ही तेज कर दी थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएम ने संगम तट पर कार्यक्रम में हिस्सा लिया और विकास परियोजनाओं को लेकर भी समीक्षा की।
मंच पर उदयभान की मौजूदगी ने बढ़ाई हलचल
कार्यक्रम के दौरान भाजपा के पूर्व विधायक उदयभान करविरया सीएम योगी के बेहद करीब मंच पर बैठे दिखाई दिए। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। वजह सिर्फ उनकी मौजूदगी नहीं, बल्कि उनका राजनीतिक और कानूनी बैकग्राउंड भी है। उदयभान करविरया पहले सजायाफ्ता रह चुके हैं और बाद में सरकार की ओर से उनकी सजा माफी को लेकर भी काफी विवाद हुआ था। ऐसे में लंबे समय बाद उनका मुख्यमंत्री के मंच पर दिखाई देना कई राजनीतिक संकेतों से जोड़कर देखा जा रहा है।
डिप्टी CM को लेकर बयानों से पहले ही सुर्खियों में थे
पूर्व विधायक उदयभान करविरया पिछले कुछ समय से अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। खासतौर पर यूपी के डिप्टी सीएम को लेकर दिए गए उनके कुछ बयान राजनीतिक गलियारों में विवाद का कारण बने थे। विपक्ष ने भी इन बयानों को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए थे।
नेताओं ने लिया नाम, लेकिन CM योगी रहे खामोश
कार्यक्रम के दौरान मंच संचालकों और कुछ नेताओं ने उदयभान करविरया का नाम लेते हुए उनका जिक्र किया, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पूरे संबोधन में उनका नाम नहीं लिया। राजनीतिक जानकार इसे भी एक महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं।
भाजपा के भीतर नए समीकरणों की चर्चा
प्रयागराज की राजनीति में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या उदयभान करविरया की फिर से सक्रिय भूमिका तय की जा रही है या यह सिर्फ एक औपचारिक उपस्थिति थी। हालांकि भाजपा की तरफ से इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया पर भी छाया मुद्दा
सीएम योगी के कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया। समर्थक इसे सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे भाजपा की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं।




