दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त…
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे। राजधानी पहुंचते ही उन्होंने लखनऊ से अपने पुराने रिश्ते को याद किया और शहर को अपनी तपोभूमि और कर्मभूमि बताया। उन्होंने कहा कि इसी शहर से उन्होंने शिक्षा हासिल की और लंबे समय बाद यहां लौटकर उत्तर प्रदेश के मतदाताओं से संवाद करने का अवसर मिला है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के दौरे का फोकस चुनावी प्रक्रिया को और मजबूत करने, बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO से सीधे संवाद करने और युवाओं के बीच चुनावी जागरूकता बढ़ाने पर रहेगा।
BLO से सीधे संवाद करेंगे Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar ने कहा कि BLO चुनाव व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण जमीनी कड़ियों में शामिल हैं। उनका सीधा संपर्क मतदाताओं से होता है, इसलिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में उनकी भूमिका बेहद अहम है।
उन्होंने बताया कि दौरे के दौरान BLO के साथ सीधे बातचीत की जाएगी। इस दौरान उनकी जिम्मेदारियों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी जानकारियों पर चर्चा होगी।
BLO की जिम्मेदारी केवल मतदान के दिन तक सीमित नहीं होती। मतदाताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम बूथ स्तर पर इन्हीं अधिकारियों के जरिए किए जाते हैं। ऐसे में चुनाव आयोग का जोर जमीनी स्तर की व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर है।
स्कूल-कॉलेजों में चुनावी जागरूकता बढ़ाने पर जोर
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में चुनावी जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ाने की जरूरत भी बताई। उनका कहना है कि युवाओं को मतदान के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की जानकारी शुरुआत से दी जानी चाहिए।
इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों और युवा मतदाताओं को लोकतंत्र में उनकी भूमिका समझाने की कोशिश की जाएगी। Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदाताओं का अपने अधिकारों और चुनावी व्यवस्था को समझना जरूरी है।
खास तौर पर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाना चुनावी प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को मजबूत कर सकता है।
लखनऊ को बताया ‘तपोभूमि-कर्मभूमि’
लखनऊ पहुंचने के बाद Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar ने अपने छात्र जीवन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ उनके लिए सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि उनकी तपोभूमि और कर्मभूमि रहा है।
उन्होंने इसी शहर से अपनी शिक्षा हासिल की थी। लंबे समय बाद लखनऊ लौटने पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के मतदाताओं के साथ संवाद को अपने लिए खास अवसर बताया।
1979 में हाईस्कूल, 1981 में इंटर में किया टॉप
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar की शैक्षणिक उपलब्धियां भी चर्चा में रहीं। उन्होंने 1979 में हाईस्कूल और 1981 में इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया था।
उस समय हाईस्कूल की परीक्षा में करीब 10 लाख और इंटरमीडिएट की परीक्षा में करीब 6 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के बीच दोनों परीक्षाओं में पहला स्थान हासिल करना उनकी शैक्षणिक उपलब्धि को दर्शाता है।
चुनावी व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तैयारी
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के लखनऊ दौरे में चुनावी व्यवस्था से जुड़े जमीनी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। BLO से संवाद के जरिए बूथ स्तर की चुनौतियों और जिम्मेदारियों को समझने पर जोर रहेगा।
वहीं, शिक्षण संस्थानों में चुनावी जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए नई पीढ़ी को मतदान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश होगी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त का संदेश साफ है कि मजबूत लोकतंत्र के लिए सिर्फ चुनाव कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मतदाता को जागरूक करना और बूथ स्तर की व्यवस्था को प्रभावी बनाना भी उतना ही जरूरी है।




