CAG Report on Railway Stations में भारतीय रेलवे की यात्री सुविधाओं को लेकर कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार, देश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर वाटर कूलरों से लिए गए पानी के नमूनों में ई. कोलाई (E. Coli) बैक्टीरिया पाया गया है। रिपोर्ट में साफ-सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं।
कैग ने रेलवे के 16 ज़ोन के 512 स्टेशनों का ऑडिट किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्टेशनों पर आवश्यक सुविधाओं की कमी दर्ज की गई।
कई प्रमुख स्टेशनों के पानी में मिला ई. कोलाई
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन स्टेशनों के वाटर कूलरों से लिए गए पानी के नमूनों में ई. कोलाई बैक्टीरिया पाया गया, उनमें शामिल हैं— कोयंबटूर जंक्शन (दक्षिण रेलवे), पलक्कड़ जंक्शन (दक्षिण रेलवे), हैदराबाद स्टेशन (दक्षिण मध्य रेलवे), छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (मध्य रेलवे), भिवंडी रोड स्टेशन, कल्याण स्टेशन, लोनावला स्टेशन, मधुपुर स्टेशन (पूर्व रेलवे).
कैग ने कहा कि इन नमूनों का दूषित पाया जाना यात्रियों की सेहत के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
512 में से 458 स्टेशनों पर सुविधाओं की कमी
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, जांच किए गए 512 स्टेशनों में से 458 स्टेशनों पर कम से कम एक आवश्यक सुविधा की कमी पाई गई। इन सुविधाओं में शामिल हैं—पीने का स्वच्छ पानी, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, प्लेटफॉर्म शेल्टर, पंखे, वाटर कूलर, साइनबोर्ड आदि।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अधिक आय और ज्यादा यात्री संख्या वाले NSG-1, NSG-2 और NSG-3 श्रेणी के स्टेशनों पर भी कई कमियां पाई गईं।
वॉशरूम की सफाई पर भी सवाल
कैग ने रेलवे स्टेशनों के वॉशरूम में अस्वच्छ परिस्थितियों का भी उल्लेख किया है। रिपोर्ट में कहा गया कि कई जगहों पर रेलवे बोर्ड द्वारा तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।
ऑडिट में साफ-सफाई और पेयजल गुणवत्ता से जुड़े नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
क्या है ई. कोलाई बैक्टीरिया?
ई. कोलाई (Escherichia coli) एक प्रकार का बैक्टीरिया है, जो दूषित भोजन और पानी में पाया जा सकता है। इसके कुछ प्रकार गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2017 में एंटीबायोटिक प्रतिरोधी खतरनाक बैक्टीरिया की सूची में ई. कोलाई को प्रमुख श्रेणी में रखा था। ऐसे बैक्टीरिया को आम भाषा में ‘सुपरबग’ भी कहा जाता है, क्योंकि इन पर कई एंटीबायोटिक दवाओं का असर सीमित हो सकता है।
रेलवे सुविधाओं पर उठे सवाल
कैग की रिपोर्ट ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में रेलवे बोर्ड को साफ-सफाई, पेयजल गुणवत्ता और यात्री सुविधाओं के मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की सिफारिश की गई है।




