The Red Ink
आईटी कंपनी कैपजेमिनी से जुड़े डे-केयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला केयरटेकर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विजयलक्ष्मी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच अब वरिष्ठ स्तर पर की जा रही है और पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
गुमनाम शिकायत से खुला पूरा मामला
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 26 जून को चाइल्ड हेल्पलाइन पर आए एक गुमनाम फोन कॉल से हुई। कॉल करने वाले ने आरोप लगाया कि डे-केयर सेंटर में दो से तीन साल तक के बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पूर्वी बेंगलुरु जिला बाल संरक्षण इकाई ने जांच शुरू की और इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। इस मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें विजयलक्ष्मी का नाम भी शामिल है।
वीडियो में दिखे चौंकाने वाले दृश्य
जांच के दौरान सामने आए वीडियो ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। वीडियो में छोटे-छोटे बच्चों को अकेले कमरे में फर्श पर रोते हुए छोड़ने, उन्हें टॉयलेट में ले जाकर जेट स्प्रे से पानी डालने और यहां तक कि वॉशिंग मशीन के ड्रम के भीतर बैठाने जैसी घटनाएं दिखाई देने का दावा किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कथित दुर्व्यवहार टॉयलेट के अंदर किया जाता था, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। जबकि डे-केयर सेंटर के बाकी हिस्से कैमरों की निगरानी में थे।
पुलिस की जांच तेज, अन्य कर्मचारियों से पूछताछ
बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने पुष्टि की कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, दो अन्य महिला कर्मचारियों से भी पुलिस ने पूछताछ की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी एक महिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को सौंपी गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग भी करेगा निरीक्षण
मामले ने तूल पकड़ने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी संज्ञान लिया है। कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष संतोष कुमार के अनुसार आयोग के दो सदस्य बेंगलुरु पहुंचकर डे-केयर सेंटर का निरीक्षण करेंगे और जांच अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
आगे और खुलासों की उम्मीद
पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




