Assam Meghalaya Vehicle Blockade से बढ़ी लोगों की परेशानी…
Assam Meghalaya Vehicle Blockade के चलते असम और मेघालय के बीच परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। मेघालय की राजधानी शिलांग में 19 अगस्त को हुई हिंसा के विरोध में असम के वाहन चालकों ने दोनों राज्यों के बीच चलने वाली गाड़ियों की आवाजाही रोक दी है। इसके कारण पिछले तीन दिनों से यात्री, पर्यटक और स्थानीय लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं।
स्थिति ऐसी हो गई है कि न तो असम की गाड़ियां मेघालय जा रही हैं और न ही मेघालय में पंजीकृत वाहनों को असम में प्रवेश करने दिया जा रहा है।
Assam Meghalaya Vehicle Blockade की वजह बनी शिलांग हिंसा
Assam Meghalaya Vehicle Blockade की शुरुआत 19 अगस्त को शिलांग में हुई हिंसक घटना के बाद हुई। उस दिन खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शहर में बाइक रैली निकाली थी।
रैली के दौरान कुछ उपद्रवियों ने कथित तौर पर असम में पंजीकृत वाहनों को निशाना बनाया। कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई और व्यापक नुकसान पहुंचाया गया।
मेघालय पुलिस के अनुसार, हिंसा में कम से कम 31 वाहनों को नुकसान पहुंचा, जबकि दो गाड़ियों में आग लगा दी गई। प्रभावित वाहनों में असम के रजिस्ट्रेशन वाले वाहन भी शामिल थे। घटना में कम से कम 16 लोग घायल हुए थे।
ड्राइवर्स यूनियन ने जोराबाट एंट्री पॉइंट पर रोकी गाड़ियां
घटना के विरोध में असम स्टेट ड्राइवर्स यूनियन ने गुवाहाटी-शिलांग मार्ग पर स्थित जोराबाट एंट्री पॉइंट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यूनियन ने मेघालय जाने वाली और वहां से आने वाली गाड़ियों की आवाजाही रोक दी है।
ड्राइवर संगठनों का कहना है कि जब तक शिलांग हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और प्रभावित वाहन मालिकों को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
पर्यटक और आम लोग फंसे
Assam Meghalaya Vehicle Blockade का सबसे ज्यादा असर दोनों राज्यों के बीच यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ा है। पर्यटन सीजन के बीच बड़ी संख्या में पर्यटक रास्तों में फंस गए हैं।
व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े सामानों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन हालात सामान्य करने के प्रयास में जुटा हुआ है।
असम सरकार ने जारी की हेल्पलाइन
गतिरोध को देखते हुए असम सरकार ने मेघालय में फंसे लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित यात्रियों और पर्यटकों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
इस बीच दोनों राज्यों के प्रशासन हालात को सामान्य बनाने और सड़क परिवहन बहाल करने के लिए लगातार संपर्क में हैं।
तनाव कम करने की कोशिशें जारी
शिलांग हिंसा के बाद पैदा हुए तनाव को कम करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर बातचीत जारी है। हालांकि, फिलहाल दोनों राज्यों के बीच वाहन संचालन पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है।
स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर आंदोलन की दिशा तय हो सकती है।




