The Red Ink
अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की ओर से किए जा रहे दावों के बीच भारत ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और इस वास्तविकता को कोई भी बदल नहीं सकता।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अरुणाचल प्रदेश का भारत का हिस्सा होना कोई ऐसी बात नहीं है, जिसके लिए किसी प्रमाण की जरूरत पड़े। उन्होंने कहा कि यह एक स्थापित तथ्य है और इसे बदला नहीं जा सकता।
चीन के साथ बातचीत में सीमा पर शांति अहम
रणधीर जायसवाल ने भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दों पर भी भारत की स्थिति सामने रखी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत में भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि सीमा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत की प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा पर स्थिति का असर दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ता है।
WMCC बैठक में भी उठाया गया मुद्दा
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने यह रुख 6 अगस्त 2026 को हुई भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र यानी WMCC की 36वीं बैठक में भी दोहराया था।
भारत का कहना है कि सीमा पर शांति और स्थिरता दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है।
चीन बदलता रहा है अरुणाचल की जगहों के नाम
अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत और चीन के बीच विवाद नया नहीं है। चीन समय-समय पर राज्य के अलग-अलग इलाकों और भौगोलिक स्थानों के नाम अपने हिसाब से बदलने की कोशिश करता रहा है।
भारत इन कदमों को पहले भी खारिज करता रहा है। नई दिल्ली का कहना है कि किसी इलाके का नाम बदल देने से उसकी वास्तविक स्थिति या संप्रभुता नहीं बदल जाती।
भारत ने मानचित्र में 27 नाम दर्ज किए
चीन की ओर से नाम बदलने की कोशिशों के बीच भारत ने भी अपने आधिकारिक मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के मानक नाम दर्ज किए हैं।
सर्वे ऑफ इंडिया के मानचित्र में इन नामों को शामिल करने का उद्देश्य इन स्थानों की आधिकारिक पहचान को स्पष्ट करना और लोगों के बीच इनके बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराना बताया गया है।
भारत बोला- ऐसी कोशिशों का कोई असर नहीं
अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने की चीन की कार्रवाई को भारत पहले भी निराधार और बेतुका बता चुका है। भारत का लगातार कहना रहा है कि इस तरह के कदम राज्य की वास्तविक स्थिति को प्रभावित नहीं कर सकते।
नई दिल्ली का रुख साफ है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। विदेश मंत्रालय का ताजा बयान भी इसी नीति को दोहराता है।
अब अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की ओर से आने वाली किसी भी नई प्रतिक्रिया पर भारत की नजर रहेगी। साथ ही, सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों के बीच जारी बातचीत भी अहम बनी हुई है।




