The Red Ink
PM Narendra Modi की ओर से सोना न खरीदने और खर्च में कटौती की अपील के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। Akhilesh Yadav ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।
“चुनाव खत्म, अब संकट याद आया”
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार को आर्थिक संकट की चिंता होने लगी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसी अपील आम जनता के बजाय सत्ता से जुड़े लोगों को करनी चाहिए, क्योंकि आम लोग तो पहले ही महंगे सोने की खरीद से दूर हैं।
सोना खरीद पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने कहा कि सोने की कीमतें इतनी अधिक हो चुकी हैं कि आम आदमी के लिए इसे खरीदना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि काले धन को सफेद करने में लगे लोगों को रोकने की जरूरत है, न कि आम नागरिकों पर प्रतिबंध जैसे संदेश देने की।
चुनावी खर्च पर भी घेरा
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर खर्च करने का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा कि जब चुनाव प्रचार में चार्टर विमान, होटल और अन्य संसाधनों का खुलकर इस्तेमाल हुआ, तब बचत की बात क्यों नहीं की गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि डिजिटल माध्यमों से प्रचार क्यों नहीं किया गया।
“ऐसी अपील से बाजार में डर फैलेगा”
उन्होंने कहा कि इस तरह की अपील से बाजार में अनिश्चितता और डर का माहौल बन सकता है। उनके मुताबिक, सरकार का काम आर्थिक संकट से निपटने के लिए ठोस नीति बनाना है, न कि जनता के बीच घबराहट पैदा करना।
पीएम ने क्यों की थी अपील
दरअसल, Narendra Modi ने तेलंगाना के सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान विदेशी मुद्रा बचाने के लिए लोगों से सोना न खरीदने, ईंधन की खपत घटाने और खर्च में संयम बरतने की बात कही थी।




