Akhilesh Yadav on Akash Anand: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। बसपा नेता आकाश आनंद के अखिलेश यादव को ‘अंकल’ कहकर किए गए तंज पर अब समाजवादी पार्टी प्रमुख की प्रतिक्रिया सामने आई है।
अखिलेश यादव से जब आकाश आनंद के बयान को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने उम्र को लेकर चल रही इस बहस में सीधे उतरने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बहस में उलझने के बजाय दूसरे गंभीर सवालों पर बात होनी चाहिए।
आकाश आनंद ने क्यों कहा था ‘अंकल’?
दरअसल, आकाश आनंद ने हाल ही में अखिलेश यादव की उम्र को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि वह 30 साल के हैं, जबकि अखिलेश यादव 50 साल के हैं। इसी आधार पर आकाश ने कहा था कि वह अखिलेश को ‘भैया’ नहीं, बल्कि ‘अंकल’ कहेंगे।
आकाश आनंद के इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। माना जा रहा है कि यह बयान 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा और बसपा के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी के बीच आया है।
अब जब अखिलेश यादव से इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने व्यक्तिगत टिप्पणी का जवाब देने के बजाय बातचीत का रुख दूसरे राजनीतिक मुद्दों की ओर मोड़ दिया।
अखिलेश बोले- ‘उस बहस में हम और आप न उलझें’
अखिलेश यादव से पूछा गया कि आकाश आनंद उन्हें ‘अंकल’ कह रहे हैं और अपनी उम्र 30 साल बताते हुए उन्हें 50 साल का बता रहे हैं। इस पर अखिलेश ने कहा, “ऐसा है… उस बहस में हम और आप न उलझें।”
इसके बाद उन्होंने शिक्षा, परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया। अखिलेश ने कहा कि राजनीति में चर्चा उन सवालों पर होनी चाहिए, जिनका सीधा असर छात्रों और युवाओं पर पड़ता है।
इस तरह अखिलेश ने आकाश आनंद की व्यक्तिगत टिप्पणी का सीधा जवाब देने के बजाय अपनी बात को सरकार और भाजपा से जुड़े मुद्दों की तरफ मोड़ दिया।
शिक्षा और परीक्षाओं का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर शिक्षा और परीक्षा के माध्यम से युवाओं के लिए काम नहीं हो पा रहा है तो फिर दूसरे मुद्दों के जरिए राजनीति को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने अयोध्या से जुड़े पुराने विवाद का भी जिक्र किया और सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने दावा किया कि अयोध्या में पैसों से जुड़े मामलों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
उन्होंने अपने खिलाफ साजिश किए जाने का आरोप भी लगाया और एक दिन में बड़ी संख्या में किए गए फोन कॉल का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या इतनी बड़ी संख्या में कॉल संभव हैं और क्या सरकार को इसकी जानकारी नहीं थी।
छात्रों के डेटा को लेकर भी उठाया सवाल
अखिलेश यादव ने छात्रों और युवाओं से जुड़े डेटा को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि प्रदर्शन या किसी कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्रों और युवाओं का नेटवर्क के जरिए डेटा जुटाया जा रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में इस डेटा का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा, यह स्पष्ट नहीं है। अखिलेश ने शिक्षा, परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को एक-दूसरे से जोड़ते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया।
हालांकि, डेटा इकट्ठा किए जाने को लेकर अखिलेश ने जो दावा किया, उसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
BJP और RSS पर भी साधा निशाना
अपनी प्रतिक्रिया के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा और RSS से जुड़े लोगों पर भी निशाना साधा। उन्होंने दोनों को एक-दूसरे से जुड़ा बताते हुए ‘एक सिक्के के दो पहलू’ की तरह बताया।
अखिलेश का कहना था कि शिक्षा, परीक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रूप से अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके वैचारिक सहयोगियों की राजनीति इन मुद्दों से जुड़ी हुई है।
प्रभु श्रीराम का भी किया जिक्र
बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने प्रभु श्रीराम का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रभु श्रीराम को आगे नहीं रखा जा रहा है तो फिर उनका स्थान क्या होना चाहिए।
अखिलेश ने कहा कि अगर सामान्य तौर पर सवाल किया जाए कि प्रभु श्रीराम का स्थान क्या होना चाहिए, तो इस पर भी चर्चा होनी चाहिए।
इस बयान के साथ अखिलेश यादव ने आकाश आनंद की ‘अंकल’ वाली टिप्पणी से शुरू हुई बातचीत को अयोध्या और राम के मुद्दे तक पहुंचा दिया।
2027 से पहले सपा-बसपा की सियासत पर नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। सपा और बसपा के बीच पिछले कुछ समय से राजनीतिक मतभेद साफ दिखाई देते रहे हैं।
आकाश आनंद का अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत तंज और अब अखिलेश की प्रतिक्रिया इसी राजनीतिक माहौल का हिस्सा मानी जा रही है। हालांकि, अखिलेश ने इस विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय शिक्षा, परीक्षा, युवाओं और सरकार की कार्यप्रणाली जैसे मुद्दों पर फोकस करने की कोशिश की।
फिलहाल Akhilesh Yadav on Akash Anand का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सवाल व्यक्तिगत टिप्पणी से शुरू हुआ था, लेकिन अखिलेश यादव ने इसका जवाब देते हुए इसे सीधे यूपी की राजनीति के बड़े मुद्दों से जोड़ दिया।




