Akhilesh Yadav ने बुधवार को संसद में जारी गतिरोध के बीच बीजेपी और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि शिक्षा परीक्षाओं और धार्मिक संस्थानों से जुड़े मामलों पर संसद में दोनों पक्षों पर चर्चा हो, लेकिन सरकार बहस से बचना चाहती है।
लोकसभा में विपक्ष ने बुधवार को एक बार फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया और गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने की मांग की। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
‘दोनों मुद्दों के पीछे एक ही गिरोह’
संसद में गतिरोध को लेकर सवाल पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का शुरू से यही पक्ष रहा है कि शिक्षा परीक्षाओं और धार्मिक संस्थानों में कथित अनियमितताओं, दोनों मुद्दों पर बहस होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा परीक्षा और धार्मिक संस्थानों से जुड़े मामलों में बीजेपी या उसके सहयोगियों से जुड़े लोगों पर आरोप लगे हैं। अखिलेश ने कहा कि दोनों मामलों के पीछे एक ही तरह के लोगों का हाथ होने की बात सामने आ रही है।
‘सरकार के पास जवाब नहीं है’
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर बहस से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार चर्चा से हटना चाहती है क्योंकि उसके पास इन मुद्दों पर जवाब नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास जवाब है तो उसे संसद में चर्चा के लिए सामने आना चाहिए।
राम मंदिर चंदा मामले का भी जिक्र
सपा प्रमुख ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सामने आई एसआईटी रिपोर्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में ऐसे कई लोगों के नाम हैं, जो सरकार या बीजेपी के करीबी हैं।
अखिलेश यादव ने इसी आधार पर कहा कि संभव है कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में बहस नहीं करना चाहती हो।
हालांकि, अखिलेश यादव के ये आरोप उनका राजनीतिक दावा हैं। इन्हें किसी न्यायिक निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।




