The Red Ink
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी के बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। मऊ के घोसी तहसील क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने न सिर्फ अपने विरोधियों पर तीखा हमला बोला, बल्कि अब्बास अंसारी, अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर को लेकर भी खुलकर बयान दिए। उनके कई बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
‘अब्बास अंसारी का मुकाबला करने वाला कोई नहीं’
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में अफजाल अंसारी ने अब्बास अंसारी की राजनीतिक ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि लोग बार-बार पूछते हैं कि विधायक किसके हैं। उन्होंने दावा किया कि ओमप्रकाश राजभर खुद यह कहते हैं कि अखिलेश यादव ने अब्बास अंसारी को टिकट देने की बात कही थी। भोजपुरी में उन्होंने कहा, “जोड़ लीवा, जा जोड़”, जिसका आशय उन्होंने यह बताया कि अगर मुकाबला करना है तो बराबरी का उम्मीदवार लेकर आइए। उनके इस बयान को अब्बास अंसारी की चुनावी पकड़ और प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिना नाम लिए एमएलसी बृजेश सिंह पर साधा निशाना
अफजाल अंसारी ने अपने संबोधन में एमएलसी बृजेश सिंह का नाम लिए बिना उन पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “जब मुख्तार अंसारी जिंदा थे, तब कुछ लोग बिल में छिपे रहते थे और आज बड़े शंकराचार्य बनकर घूम रहे हैं।” इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
धर्मेंद्र यादव और अब्बास अंसारी की मुलाकात पर बढ़ी चर्चा
मऊ के कार्यक्रम के दौरान एक और तस्वीर चर्चा का विषय बन गई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी और आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव ने मंच पर अब्बास अंसारी को गले लगाया। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजनाथ सिंह के बयान पर भी उठाए सवाल
अफजाल अंसारी ने संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान छह जवानों की शहादत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संसद में इस तरह का बयान देना विशेषाधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए और संसद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
ओमप्रकाश राजभर पर बोले- ‘वो हमारे मित्र हैं’
जब पत्रकारों ने उनसे ओमप्रकाश राजभर को लेकर सवाल पूछा तो अफजाल अंसारी ने मुस्कुराते हुए भोजपुरी में जवाब दिया, “उ हमारा मित्र हउअन… उनका छोड़ के अउर बात करीं…” उनके इस जवाब को राजनीतिक रिश्तों को लेकर भी कई तरह से देखा जा रहा है।




