The Red Ink
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है और सरकार को उनकी मांगों पर ध्यान देना चाहिए।
सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर अभिजीत दीपके का बयान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सोनम वांगचुक की तबीयत की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की सेहत हर घंटे कमजोर हो रही है, लेकिन उनका हौसला और संकल्प अभी भी मजबूत है। अभिजीत दीपके ने लिखा, “सोनम सर की सेहत हर घंटे बिगड़ती जा रही है, लेकिन उनका संकल्प अडिग है। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।”
भूख हड़ताल के बाद वजन घटने का दावा
इससे पहले भी अभिजीत दीपके ने दावा किया था कि भूख हड़ताल शुरू होने के बाद सोनम वांगचुक का वजन करीब 2 किलो कम हो गया है और उनका ब्लड प्रेशर भी लगातार गिर रहा है। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर सीजेपी पिछले कई दिनों से नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मामले की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए। सीजेपी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना जरूरी है ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।
अभिजीत दीपके ने सरकार पर साधा निशाना
मंगलवार को एक पत्रकार ने अभिजीत दीपके से सवाल किया कि जब देश में लगातार परीक्षा पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं तो क्या सरकार को इसकी चिंता नहीं है। इस पर अभिजीत दीपके ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पास कई बड़े काम हैं और छोटे-छोटे मुद्दों के लिए समय नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दूसरे राजनीतिक मुद्दों और विदेश दौरों में व्यस्त है, जबकि छात्रों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
छात्रों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल
नीट पेपर लीक विवाद के बीच देशभर में परीक्षा व्यवस्था, पारदर्शिता और जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज हो गई है। प्रदर्शनकारी लगातार सरकार से कार्रवाई और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।




