The Red Ink
राजधानी लखनऊ में स्मार्ट मीटर का मुद्दा अब खुलकर सियासी टकराव में बदलता नजर आ रहा है। समाजवादी पार्टी के विधायक Ravidas Mehrotra अपने कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरे और मध्यांचल विद्युत निगम के MD कार्यालय का घेराव कर दिया। यह विरोध केवल एक प्रदर्शन नहीं रहा, बल्कि सरकार की बिजली नीति के खिलाफ सपा का खुला हमला बन गया।
कार्यालय घेरकर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं की बड़ी भीड़ MD मध्यांचल के दफ्तर के बाहर जुटी। Ravidas Mehrotra ने खुद मोर्चा संभालते हुए बिजली विभाग पर सीधा निशाना साधा और स्मार्ट मीटर को लेकर जनता में बढ़ती नाराजगी को मुद्दा बनाया।

‘स्मार्ट मीटर के नाम पर अवैध वसूली’ का आरोप
सपा विधायक ने आरोप लगाया कि लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अडानी से जुड़े हैं और इनके जरिए आम जनता से लगातार अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन मीटरों के चलते लोगों के बिजली बिल बढ़ रहे हैं और उपभोक्ता परेशान हैं। यह पूरा सिस्टम जनता के खिलाफ काम कर रहा है, जिसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
सरकार को खुली चेतावनी
Ravidas Mehrotra ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्मार्ट मीटर नहीं हटाए गए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर सरकार ने जनता की आवाज नहीं सुनी, तो “सरकार को उखाड़ फेंकने का काम किया जाएगा।”
सत्ता में आने पर ‘स्मार्ट मीटर हटाने’ का वादा
सपा विधायक ने भविष्य की राजनीति को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी, तब बीजेपी सरकार द्वारा लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर उखाड़ दिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सपा सरकार बनने पर प्रदेश में लोगों को मुफ्त बिजली दी जाएगी।
मुद्दा बनता जा रहा है ‘स्मार्ट मीटर’
लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में स्मार्ट मीटर को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में अब यह मुद्दा केवल तकनीकी या उपभोक्ता समस्या नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।
स्मार्ट मीटर को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब सीधे सरकार बनाम विपक्ष की लड़ाई का रूप लेता दिख रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस दबाव पर क्या रुख अपनाती है और क्या यह मुद्दा प्रदेश की सियासत में बड़ा चुनावी एजेंडा बनता है।




