The Red Ink: बिहार की राजनीति में एक अहम मोड़ उस वक्त देखने को मिला जब Nitish Kumar ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। लंबे समय तक राज्य की सत्ता संभालने वाले नीतीश कुमार का यह कदम सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सियासी समीकरणों में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
शपथ से पहले अहम मुलाकात
शपथ ग्रहण से ठीक पहले Nitish Kumar ने संसद भवन में राज्यसभा के नेता सदन J. P. Nadda से मुलाकात की। इस मुलाकात को राजनीतिक नजरिए से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसके बाद ही उन्होंने उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली।
चारों सदनों का अनुभव, खास क्लब में एंट्री
राज्यसभा के सभापति C. P. Radhakrishnan ने उन्हें शपथ दिलाई। इसके साथ ही Nitish Kumar उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जो विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं।
PM मोदी ने की सराहना
इस मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उन्हें बधाई देते हुए उनके अनुभव और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि संसद में उनकी मौजूदगी से सदन की गरिमा और मजबूत होगी।
पटना लौटते ही बढ़ेगा सियासी तापमान
शपथ लेने के बाद Nitish Kumar के आज ही दिल्ली से पटना लौटने की जानकारी है। उनके लौटते ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
CM चेहरे पर सस्पेंस, पोस्टर पॉलिटिक्स तेज
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार में सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि अब मुख्यमंत्री कौन होगा। इसी बीच पटना में बीजेपी कार्यालय के बाहर Samrat Choudhary को मुख्यमंत्री बनाने की मांग वाले पोस्टर लगाए गए, हालांकि बाद में कुछ पोस्टर हटा दिए गए।
दिल्ली दौरे से शुरू हुई नई पटकथा
गौरतलब है कि Nitish Kumar एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंच गए थे, जहां जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha समेत कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। बिहार से दिल्ली तक का यह सफर अब सिर्फ शपथ तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि यह सत्ता के अगले अध्याय की शुरुआत जैसा नजर आ रहा है जिसकी असली तस्वीर अब पटना में साफ होगी।




