The Red Ink: असम की सियासत अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां लड़ाई सिर्फ नेताओं तक सीमित नहीं रही बल्कि उनके परिवार भी सीधे निशाने पर आ गए हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, आरोप-प्रत्यारोप की इस जंग में अब केंद्र बन गई हैं मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी। हाल ही में Gaurav Gogoi के परिवार पर उठे सवालों के बाद अब कांग्रेस ने पलटवार करते हुए बड़ा आरोप दागा है जिसने पूरे राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है।
तीन पासपोर्ट का आरोप, सियासत में भूचाल
कांग्रेस प्रवक्ता Pawan Khera ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन देशों- यूएई, एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र के पासपोर्ट हैं, जिनकी एक्सपायरी डेट क्रमश- मार्च 2027, अगस्त 2031 और फरवरी 2029 बताई गई।
सिर्फ यही नहीं, खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि दुबई में दो संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया।
CM का पलटवार: “झूठ, डिजिटल छेड़छाड़ और साजिश”
इन आरोपों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने सीधे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने आरोपों को “झूठा और डिजिटल हेरफेर” करार देते हुए कहा कि वायरल दस्तावेजों में कई गंभीर विसंगतियां हैं। CM ने दावा किया पत्नी के नाम में ‘Sharma’ और ‘Sarma’ का अंतर, पासपोर्ट के मशीन रीडेबल ज़ोन (MRZ) में गलत देश कोड, एक्सपायरी डेट में असंगति, स्पेलिंग और भाषा की गलतियां, QR कोड का अमान्य होना, उनके मुताबिक ये सभी संकेत देते हैं कि दस्तावेज “मनगढ़ंत और भ्रामक” हैं।
“अब कानून बोलेगा”- पत्नी का बयान
मुख्यमंत्री की पत्नी Riniki Bhuyan Sarma ने भी आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रवक्ता से “बुनियादी सावधानी” की उम्मीद थी, न कि “काल्पनिक दस्तावेज फैलाने” की। उन्होंने साफ कहा अब यह मामला अदालत तक जाएगा और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस का जवाब और सवालों की बौछार
वहीं, असम कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi ने इस मुद्दे को और हवा देते हुए कहा कि एक से अधिक पासपोर्ट रखना और संपत्तियों का खुलासा न करना गंभीर अपराध है। उन्होंने सवाल उठाया “विदेशी खातों में कितना पैसा भेजा गया?”, “क्या और गहरी जांच की जरूरत नहीं?” गोगोई ने यहां तक कह दिया कि ये आरोप राज्य और देश के लिए “शर्मिंदगी” हैं।
BJP का बचाव: “घबराहट में गढ़े गए दस्तावेज”
बीजेपी सांसद Sudhanshu Trivedi ने कांग्रेस के दावों को खारिज करते हुए कहा कि दस्तावेजों में स्पष्ट गलतियां हैं नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी, फोटो पब्लिक डोमेन से ली गई लगती है, राष्ट्रीयता और पासपोर्ट में विरोधाभास, उनके मुताबिक ये सब “चुनाव से पहले हताशा में तैयार किया गया दुष्प्रचार” है।
चुनावी जंग में नया ट्रेंड: परिवार पर वार
असम में 9 अप्रैल को मतदान होना है और ठीक उससे पहले सियासत का यह नया चेहरा सामने आया है जहां मुद्दों की जगह अब परिवार, दस्तावेज और निजी आरोप चुनावी बहस का केंद्र बन चुके हैं।




